इस प्रक्रिया से गुजरेंगे कोरोना मरीजों के शव फिर, सौपी जाएगी डेड बॉडी

भारत में आइसीएमआर द्वारा COVID-19 में मेडिको-लीगल शव परीक्षा के लिए मानक दिशानिर्देशों में बदलाव किए गए हैं. ताजा दिशा-निर्देशों के मुताबिक कोरोना वायरस संदिग्धों के शवों को मोर्चरी भेजने से पहले उनके नाक के नमूने लिए जाएंगे और उन्हें COVID-19 टेस्ट के लिए भेजा जाएगा. इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि टेस्ट के नतीजे आने तक डेड बॉडी को मोर्चरी से रिलीज नहीं किया जाएगा और फाइनल रिपोर्ट आने पर सभी औपराचिकताएं पूरा करने के बाद जिला प्रशासन को डेड बॉडी सौंप दी जाएगी.

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इस मामले को लेकर दिशा निर्देशों में कहा गया है, "यह सलाह दी जाती है कि सभी कोविड-19 संदिग्ध मामलों में डेड बॉडी को मोर्चरी में भेजन से पहले, आपातकालीन विभाग/कैजुअल्टी/वार्ड/आइसीयू में नासोफेरीन्जियल स्वैब एकत्र करना और आरटी-पीसीआर परीक्षण के लिए भेजा जाना आवश्यक है.

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दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 5609 नए मामले सामने आए हैं और 132 लोगों की मौत हुई है. इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 1,12,359 हो गई है. जिसमें से 63,624 सक्रिय मामले हैं, 45,300 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 3,435 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. वहीं, आज राजस्थान में 83 नए मामले दर्ज किए गए हैं.

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