राजस्थान हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों की तरफ से फीस वसूली पर लिया यह निर्णय

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने आज ही निजी स्कूलों की तरफ से फीस वसूली के मामले में निर्णय लिया है। जी दरअसल राजस्थान हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों की तरफ से ट्यूशन फीस का 70 फ़ीसदी वसूलने के एकलपीठ के आदेश पर लगी रोक को 12 अक्टूबर तक के लिए आगे बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता और न्यायाधीश महेंद्र कुमार गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार व अन्य की तरफ से दायर हुई अपील पर सुनवाई करते हुए दिए हैं।

जी दरअसल आज यानी शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। इसमें जुड़ने के तत्काल बाद खंडपीठ ने बिना किसी अधिवक्ता की बहस सुने मामले की सुनवाई 12 अक्टूबर तक टाल दी और अंतरिम आदेश को जारी रखा। इसका मतलब है कि खंडपीठ के पूर्व में दिए आदेश के तहत अब 12 अक्टूबर तक कोई भी निजी स्कूल संचालक ना तो किसी विद्यार्थी से फीस वसूल कर सकेगा और ना ही फीस नहीं देने पर विद्यार्थी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। वैसे आप सभी इस बात को तो जानते ही होंगे कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने बीते 7 सितंबर को प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए निजी स्कूल संचालकों को छूट दी थी कि वह ट्यूशन फीस का 70 फ़ीसदी अभिभावकों से वसूल कर सकते हैं।

इसी आदेश के खिलाफ राज्य सरकार व अन्य की तरफ से खंडपीठ में अपील दायर की गई थी। उस अपील में यह कहा गया है कि एकलपीठ ने बिना किसी परीक्षण किए 70 फ़ीसदी ट्यूशन फीस वसूलने का आदेश दे दिया। वहीं दूसरी तरफ एकलपीठ ने राज्य सरकार के स्कूल नहीं खुलने तक फीस स्थगित करने के आदेश पर भी रोक नहीं लगाई। बिना प्रभावी पढ़ाई कराए, इस तरह फीस वसूलना गलत है और एकलपीठ के आदेश को रद्द किया जाए।

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