अगर कोरोना संकट में आप पीएम होते तो क्या करते ? पत्रकार के सवाल पर राहुल गाँधी ने दिया ये जवाब

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीडिया से बात की. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के प्रयासों और लॉकडाउन के कारण देश में पैदा हुए हालत को लेकर चर्चा की. पीएम मोदी द्वारा हाल ही में 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि जब बच्चा रोता है, तो मां उसे लोन नहीं देती है, ट्रीट देती है. सड़क पर चलने वाले प्रवासी मजदूरों को लोन नहीं पैसे की आवश्यकता है. इसलिए सरकार को साहूकार के जैसे काम नहीं करना चाहिए.

इस दौरान एक पत्रकार ने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि इस समय आप प्रधानमंत्री होते तो क्या करते. इस प्रश्न के उत्तर में कांग्रेस नेता ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री नहीं हूं. इसलिए एक काल्पनिक स्थिति को लेकर मैं बात नहीं कर सकता. किन्तु एक विपक्ष के नेता के तौर पर कहूंगा कि कोई भी आदमी घर छोड़कर दूसरे राज्यों में काम की खोज में जाता है. इसलिए सरकार को रोजगार के मुद्दे पर एक राष्ट्रीय रणनीति तैयार करनी चाहिए.

कांग्रेस लोकसभा सांसद ने कहा कि मेरे हिसाब से सरकार को तीन टर्म- शॉट, मिड और लॉन्ग में काम करना चाहिए.  इसके तहत आप देश के छोटे और मझोले व्यापारियों को बचाइए. इन्हें रोजगार दीजिए. आर्थिक सहायता दीजिए. स्वास्थ्य के हिसाब से आप उन लोगों का ख्याल रखिए जिन्हें सबसे अधिक खतरा है.   

पाकिस्तान में कोरोना से 834 लोगों की मौत, फिर भी घरेलु उड़ानें चालू

मजदूरों के लिए 1000 बस चलाने की अनुमति दें , प्रियंका ने सीएम योगी को लिखा पत्र

चीन से तनातनी के बीच क्रैश हुआ अमेरिकी लड़ाकू विमान, कर रहा था अभ्यास

 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -