कोरोना ने 2 साल घटाई लोगों की उम्र! अध्ययन में हुआ ये बड़ा खुलासा

विश्वभर के देशों को कोरोना संक्रमण ने प्रभावित किया है। इससे लोग संक्रमित हुए, कई जानें भी गई है तथा मानसिक स्तर पर भी बेहद बुरा प्रभाव पड़ा। एक नए अध्ययन के मुताबिक, कोरोना ने भारतीय व्यक्तियों की जिंदगी 2 वर्ष कम कर दी है। मुंबई के अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान के एक्सपर्ट्स ने सांख्यिकीय विश्लेषण के मुताबिक यह खबर दी है। व्यक्तियों की जिंदगियों पर तमाम स्तरों पर प्रभाव डालने वाली कोरोना महामारी ने भारत में जीवन प्रत्याशा मतलब किसी शख्स के जीने की औसत अवधि लगभग दो वर्ष कम कर दी है। मुंबई के अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान के एक्सपर्ट्स के सांख्यिकीय विश्लेषण में यह पता चली है।

वही इस विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में महामारी की वजह से पुरुषों और महिलाओं दोनों में जन्म के वक़्त जीवन प्रत्याशा में कमी का उल्लेख किया गया है। IIPS के प्रोफेसर सूर्यकांत यादव ने यह रिपोर्ट तैयार की है। साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है, "2019 में पुरुषों के लिए जीवन प्रत्याशा 69.5 साल एवं महिलाओं के लिए 72 साल थी जो 2020 में कम होकर क्रमश: 67.5 वर्ष एवं 69.8 वर्ष हो गई है।" यदि शिशु के जन्म के वक़्त मृत्यु की प्रवृत्ति भविष्य में स्थिर रहती है तो किसी नवजात के ज़िंदा रहने की संभावना के औसत वर्ष के आधार पर जन्म के वक़्त जीवन प्रत्याशा की गणना की जाती है।

साथ ही प्रोफेसर यादव की स्टडी में ‘जीवनकाल की असमानता’ पर भी ध्यान दिया गया तथा पाया गया कि कोरोना से सबसे ज्यादा 39-69 आयु वर्ग के पुरुषों की मौत हुई। यादव ने बताया, "2020 में सामान्य सालों की तुलना में कोरोना से 35-79 आयु वर्ग में बहुत अधिक मौत हुईं तथा यह समूह जीवन प्रत्याशा में कमी के लिए अधिक जिम्मेदार है।"

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