किसान से 7000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया पटवारी, लोकायुक्त टीम ने की थी ऐसी पलानिंग

किसान से 7000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया पटवारी, लोकायुक्त टीम ने की थी ऐसी पलानिंग

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन से रिश्वत लेने का एक मामला सामने आया है. दरअसल, शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस ने एक पटवारी को सात हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों घर लिया है. मिली जानकारी के अनुसार जमीन का नामांतरण होने के बाद रिकॉर्ड में दर्ज करने का अमल आदेश जारी करने के नाम पर पटवारी ने ताजपुर के एक किसान से 10000 रुपए की रिश्वत की मांग की हुई थी. इसके बाद किसान ने लोकायुक्त को उसकी शिकायत की थी. पटवारी और फरियादी के बीच 7000 रुपए में सौदा तय हो गया था, शुक्रवार को लोकायुक्त टीम ने पटवारी को ट्रेप करने की प्लानिंग बना ली थी  इसके बाद फरियादी ने सूचना दी कि पटवारी इंदर सिंह कछवाहा सिंहस्थ मेला कार्यालय के समीप हैं।

वहीं इस पर लोकायुक्त निरीक्षक राजेंद्र वर्मा ने फरियादी अंतर सिंह चौहान को तत्काल ही रुपए देने को कह दिया. इस बीच लोकायुक्त की टीम भी मौके पर आ पहुंची. जैसे ही किसान ने पटवारी इंदर सिंह को 7000 रुपए थमाए. समीप खड़े आरक्षक ने टीम को आवाज लगाकर यह कहा कि काम हो गया आ जाओ और लोकायुक्त ने पटवारी को रंगे हाथों दबोच लिया. इस संबंध में लोकायुक्त निरीक्षक राजेंद्र वर्मा ने बताया कि ताजपुर निवासी अमर सिंह चौहान ने कुछ दिन पहले जमीन खरीदी हुई थी, जिसका नामांतरण भी हो चुका था मगर रिकॉर्ड में दर्ज करने का आदेश जारी करने के नाम पर हल्का नंबर 47 ताजपुर के पटवारी इंदर सिंह कच्छावा ने 10000 रुपए की मांग की है. इससे परेशान होकर किसान ने लोकायुक्त को शिकायत कर दी थ.

बता दें की लोकायुक्त ने किसान अमर सिंह को रिकॉर्डर देकर दोनों के बीच बातचीत को रिकॉर्ड करने को कहा. इसके बाद पटवारी और किसान के बीच रिश्वत की राशि 7000 तय हुई थी. शुक्रवार को रुपए देना तय हो गया था मगर जगह निश्चित नहीं हुई थी. शुक्रवार सुबह लोकायुक्त की टीम  ने प्लानिंग बना रखी थी कि पटवारी को कहां ट्रैप करना है. इससे पहले ही फरियादी अमर सिंह ने लोकायुक्त को सूचना दे दी कि पटवारी इंदर सिंह कछवाहा सीएस मेला कार्यालय के समीप खड़ा दिख रहे हैं. इसके बाद रीक्षक राजेंद्र वर्मा ने किसान को कहा कि वह कुछ देर रुके और टीम के पहुंचने के बाद रुपए पटवारी को वहीं दे दे. जैसे ही टीम पहुंची किसान ने पटवारी को रुपए दिए. इस बीच थोड़ी दूर पर खड़े का आरक्षक ने टीम को आवाज लगाकर कहा कि काम हो गया है आ जाओ और मौके पर टीम पहुंची पटवारी को रंगे हाथों पकड़ लिया.  

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