वचन-पत्र के वादों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं राज्य सरकार

Feb 24 2020 07:52 PM
वचन-पत्र के वादों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं राज्य सरकार

भोपाल: राज्य सरकार के आने वाले बजट में वचन पत्र में किए गए वादों को पूरा करने पर फोकस होगा. वहीं, इनमें प्रमुख रूप से सरकारी खरीदी में युुवाओं के लिए 30 प्रतिशत प्रावधान किए जाने और वृद्धावस्था पेंशन की राशि 1000 रुपए किए जाना प्रस्तावित किया गया है. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के पश्चात् वृद्धावस्था पेंशन की राशि 300 से बढ़ाकर 600 रुपए कर दी गई थी, जिसे वचन पत्र में किए गए वादे के मुताबिक 1000 रुपए किया जाना है.

सरकार जनता पर नए कर लगाने से बचती नजर आ रही है. इसका बड़ा कारण आने वाले महीने होने वाले पंचायत और अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव का नफा-नुकसान है. इसी के चलते वर्ष 2020-21 के बजट में वित्त विभाग ने विभागीय मंत्रियों से सुझाव मांगे हैं. वित्त विभाग की ओर से मंत्रियों को दो पत्र भेजे गए हैं, उनमें पहले पत्र में ऐसी योजनाएं जो सीधे ग्रामीण जनता से जुड़ी हैं, उन पर फोकस करने को कहा है.दूसरे पत्र में अनावश्यक योजनाएं जो प्रासंगिक नहीं हैं, उन्हें हटाने को भी कहा गया है.पहले पत्र के हिसाब से सरकार कन्या विवाह योजना, लाड़ली लक्ष्मी और वृद्धावस्था पेंशन जैसी योजनाओं में किसी प्रकार से की राशि की कमी नहीं होने देना चाहती हैं.केंद्र ने प्रदेश को दी जाने वाली राशि में कटौती की है इससे नाॅन प्रोडक्विट योजनाएं प्रभावित होंगी.इन योजनाओं में किसी प्रकार की कटौती न करने को भी कहा गया है.

बजट से ये मद होंगे खत्म- बजट में सम्मलित इन अनुपयोगी मदों को खत्म किया जाने की योजना है.जिसमें साइकिल भत्ता, एक मुर्गी और 25 चूजे देने की स्कीम, बिल्ली को दूध पिलाने के लिए कंटीजेंसी फंड से दी जाने वाली राशि जैसी अनुपयोगी योजनाएं जिनकी प्रासंगिकता नहीं है.इन योजनाओं को सिरे से खत्म करने को कहा गया है.

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