इस राज्य में छाया बर्ड फ्लू की दूसरी लहर का कहर, सैकड़ों माइग्रेटरी बर्ड की गई जान

Apr 07 2021 11:15 AM
इस राज्य में छाया बर्ड फ्लू की दूसरी लहर का कहर, सैकड़ों माइग्रेटरी बर्ड की गई जान

शिमला: कोरोना ने पूरी दुनिया में अपना आतंक मचा रखा है वही एक ओर तो लोगों को कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं, तो दूसरी ओर पक्षियों को भी बर्ड फ्लू की दूसरी लहर का सामना करना पड़ रहा है। जनवरी में अचानक से फैले बर्ड फ्लू का संक्रमण अब तेजी से फ़ैल रहा है। हिमाचल प्रदेश में सैकड़ों माइग्रेटरी बर्ड की मौत के पश्चात् दूसरी लहर की पुष्टि हो गई है। अफसरों के अनुसार, शिमला के पोंग डेम लेक में बीते दो सप्ताहों में 100 से अधिक माइग्रेटरी बर्ड मारे गए हैं। 

वही पोंग डेम लेक वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी में सबसे प्रथम बर्ड फ्लू के केस जनवरी में आने आरम्भ हुए थे। तब माहभर में ही 5 हजार से अधिक पक्षी मारे गए थे। फरवरी में इसमें कमी आने लगी, किन्तु मार्च के अंत में बर्ड फ्लू की दूसरी लहर देखने को मिल रही है। दूसरी लहर में एक नए स्ट्रेन की पुष्टि भी हुई है। चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन अर्चना शर्मा ने कहा कि मारे गए पक्षियों के नमूने भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिसीज में भेजे गए थे, जहां H5N8 एविएन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई है।

उन्होंने कहा कि जनवरी में जब बर्ड फ्लू फैला था, तो उसमें ये स्ट्रेन नहीं था। उस समय H5N1 मिला था। हालांकि, उन्होंने ये भी बताया कि ये दोनों ही स्ट्रेन पैथोजेनिक (रोगजनक) है। उन्होंने कहा कि एविएन इन्फ्लुएंजा में पाए गए ये स्ट्रेन पक्षियों के लिए काफी भयावह है। विशेष रूप से मुर्गियों के लिए। इस वर्ष के आरम्भ में जब बर्ड फ्लू फैलना आरम्भ हुआ था, तो हरियाणा सहित कई प्रदेशों में H5N8 स्ट्रेन प्राप्त हुआ था। ये स्ट्रेन मनुष्यों में नहीं फैलता। अर्चना शर्मा के अनुसार, मंगलवार तक पोंग डेम लेक में 99 पक्षियों की जान गई है। 

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