भारत की सबसे बड़ी बैंक देगी 'वर्क फ्रॉम होम' की फैलिटी, 1,000 करोड़ रु का होगा लाभ

भारत का सबसे बड़ी बैक (SBI) अपने स्टाफ के लिए 'वर्क फ्रॉम होम करने की सुविधा प्रारंभ करने का प्लान बना रहा है. बैंक का मानना है कि उसने ये निर्णय कोरोना संकट की वजह से लिया है ताकि अपने स्टाफ को संक्रमण के रिस्क से बचा सके. स्टेट बैक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बैंक की 65वीं वार्षिक आम सभा में बताया कि इसके लिए बैंक बुनियादी ढांचा तैयार करेगा. इससे उसकी अनुमानित कोस्ट में 1,000 करोड़ रुपये की बचत भी होने की आशा है.

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रजनीश कुमार ने बताया कि एसबीआई का पूरा फोकस लागत कम करने (Cost Cutting), स्टाफ की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और एडमिनिस्‍ट्रेशन ऑफिसेस से निकालकर ब्रिकी दफ्तर में तैनात करने पर रहेगा. कुमार ने बताया कि बेहतरीन वैश्विक प्रक्रियाओं का अनुपालन करते हुए बैंक 'कहीं से भी काम' करने की सुविधा वाला बुनियादी ढांचा तैयार करेगा. उन्होंने​ विश्वास दिलाया कि इसमें स्टाफ के सामाजिक और कामकाजी जीवन के बीच संतुलन का फोकस रखा जाएगा. उनके अनुसार, इस कदम से बैंक को 1,000 करोड़ रुपये की लागत फायदा होने का अनुमान है. कोरोना के समय में यह बचत बैंक के कामकाज को जारी रखने में अहम किरदार निभाएगी.

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एसबीआई के चेयमैन ने बताया कि कोविड-19 का संकट अभी भी टला नही है. इसलिए 2020-21 में किसी भी दूसरी बैंक या वित्तीय संस्थान के समान SBI के लिए भी चुनौती से भरा वर्ष रहने वाला है. लेकिन, SBI ऐसी चुनौतियों का मुकाबलना करने लिए पूरी तरह तैयार है. रजनीश कुमार ने बताया कि SBI ने लागू की जा रही हर परियोजनाओं की चौकसी के लिए कदम उठाए हैं. बैंक को लघु से मध्यम अवधि में कोरोना वायरस के असर से बाहर निकलने की पूरी आशा है.

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