संस्कृत के 15 विद्वानों को सम्मानित करेंगे राष्ट्रपति, मिलेगा सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर 2019

नई दिल्लीः केंद्र की मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद से संस्कृत भाषा के लिए खासी सक्रिय रही है। सरकार का संस्कृत प्रेम जगजाहिर है। बीजेपी की पितृ संगठन आरएसएस संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए अक्सर सरकार को सलाह देती रही है। इसी क्रम सरकार ने इस भाषा के विद्वानों को सम्मानित करने का मन बनाया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आशय का ऐलान करते हुए उन विद्वानों के नाम बताए। राष्ट्रपति इसके साथ ही अन्य भाषाओं के विद्वान को भी सम्मानित करेंगे।

इन विद्वानों में कुरुक्षेत्र के प्रो. श्रीकृष्ण शर्मा, बनारस के प्रो. युगल किशोर व पंडित मनुदेव भट्टाचार्य, दिल्ली के प्रो. चंद किरण सलुजा समेत 15 विद्वानों को सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर 2019 दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने संस्कृत के अलावा पाली, प्राकृत, अरबी, फारसी, शास्त्रीय कन्नड़, तेलगू, मलयालम, उड़िया के विद्वानों को भी सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर और महर्षि बद्रायन व्यास 2019 सम्मान देने का ऐलान किया है।

इस साल संस्कृत में श्रीपद सत्यनारायण मूर्ति, राजेंद्र नाथ शर्मा, प्रो रामजी ठाकुर, प्रो. चंद किरण सलुजा, डॉ. श्रीकृष्ण शर्मा, डॉ वी रामकृष्ण भट्ट, विद्वान जनार्दन हेगड़े, डॉ कला आचार्य, प्रो डॉ हरेकृष्ण सतपती, पंडित सत्यदेव शर्मा, बनवारी लाल गौर, डॉ वीएस करुणाकरण, प्रो युगल किशोर मिश्र, पंडित मनुदेव भट्टाचार्य व सुबुद्धिचरण गोस्वामी सम्मानित होंगे।

पाली में डॉ उमा शंकर व्यास, प्राकृत में प्रो कमल चन्द सोगानी, शास्त्रीय कन्नड़ में हम्पा नागराजैया, शास्त्रीय तेलुगू में प्रो रव्वा श्रीहरि, शास्त्रीय मलयालय में डॉ सीपी अच्युतन उन्नी और शास्त्रीय उड़िया में पंडित डॉ अतंरयामी मिश्रा का नाम शामिल है। बता दें कि ये सम्मान मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर और महर्षि बद्रायन व्यास सम्मान प्रदान किया जाता है। इन दोनों सम्मान का ऐलान राष्ट्रपति की ओर से किया जाता है।

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