दुशासन से फ्रेंडली नहीं थी द्रौपदी, बताये सेट के फनी मोमेंट्स

बीआर चोपड़ा की महाभारत में रूपा गांगुली ने द्रौपदी का रोल किया था. वहीं शो में उनकी अदाकारी को देख हर कोई उनका कायल हुआ. लॉकडाउन में महाभारत फिर से टेलीकास्ट हो रही है. रूपा गांगुली ने एक मिडिया रिपोर्टर के साथ खास बातचीत में महाभारत की शूटिंग से जुड़ी कई बातों का खुलासा किया. वहीं रूपा ने सेट का माहौल और वहां के फनी मोमेंट्स को भी शेयर किया. वहीं रूपा गांगुली ने कहा- सेट पर प्रतिस्पर्धा से भरा माहौल होता था. वहीं हर कोई ये सोचता था कि उसने अच्छा किया है अब मुझे उससे बेहतर करना चाहिए. हर कोई बार बार अपने डायलॉग की प्रैक्टिस करता था. वहीं ऐसा था कि 2 साल तक हम अपने कैरेक्टर को जी रहे थे. मेरे केस में वस्त्र हरण सीन से पहले और बाद में, मैं कभी दुशासन के साथ फ्रेंडली नहीं थी. फिलहाल  वे अच्छे शख्स थे फिर भी मैं उनसे ज्यादा बात नहीं करती थी. वहीं कर्ण के कैरक्टर को मैं बहुत पसंद करती थी.इसे करने वाले पंकज धीर काफी अच्छे इंसान हैं उनका रोल भी अच्छा था. 

इसके साथ ही ऐसा होता है जब आप अपने रोल को जीने लग जाते हो. जब आप डायलॉग प्रैक्टिस करते हो आप उसमें यकीन करने लगते हो.महाभारत के लिए रूपा गांगुली को हिंदी बोलनी थी, वे मूल रूप से बंगाली हैं. ऐसे में उन्हें हिंदी बोलने में थोड़ी बहुत चुनौती झेलनी पड़ी. इसके साथ ही रुपा ने कहा-  महाभारत की शूटिंग के वक्त हिंदी में बोलना था, ये मेरे लिए काफी मुश्किल था.बकौल रुपा, एक वाक्य था मेरे खान-पान के ऊपर, 2 पेज का, काफी बड़ा. एक लाइन बोलते हुए मैं अटक गई थी बीच में. मैं उसे ढंग से नहीं बोल पा रही थी. सेट पर तब सीनियर भी थे. तभी अचानक रजा सर आए और कहा- एक बंगाली रसगुल्ला फैन, वे कैसे हिंदी बोलेगी? इसके बाद मुझे रोने जैसा महसूस हुआ. मैं काफी इमोशनल हूं, इसे हर कोई जानता था.

वहीं इसलिए  उन्हें पता था मैं रोने लग जाऊंगी. मेरे आंसू आने ही वाले थे. तभी हमारे बॉसी समझ गए और उन्होंने ईवनिंग ब्रेक की घोषणा कर दी और मुझे मेरे कमरे में जाने को कहा. उन्होंने कहा जब तक मैं तैयार नहीं हो जाती वे कुछ और कर लेंगे. उन्होंने मुझे कहा- मुझे विश्वास है कि तुम एक टेक में ये कर जाओगी. क्योंकि मैं हमेशा से वन टेक आर्टिस्ट रही हूं. 99 प्रतिशत केस में मैंने एक टेक में शॉट दिया है. वहीं रूपा गांगुली ने बताया कि सेट पर जब भी वे गलत उच्चारण करती थीं उन्हें वहां मौजूद असिस्टेंट डायरेक्टर, कैमरामैन, लाइन मैन उन्हें करेक्ट करते थे. रूपा ने कहा- मैं हर शब्द को 15-20 बार हर किसी के सामने बोलती थी. हर कोई हंसता था. परन्तु मैं प्रैक्टिस करती थी. जब तक कि मैं बिना अटके अच्छे से ना बोलूं.

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