H1B वीजा को लेकर पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान, ख़ुशी से झूम उठे अमेरिकी भारतीय, जमकर बजी तालियां

H1B वीजा को लेकर पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान, ख़ुशी से झूम उठे अमेरिकी भारतीय, जमकर बजी तालियां
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वाशिंगटन: पीएम नरेंद्र मोदी ने वाशिंगटन में रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए एक अहम ऐलान किया. उन्होंने कहा कि अब H-1B वीजा को रिन्यू करने के लिए अमेरिका से बाहर नहीं जाना पड़ेगा और अमेरिका के 2 और शहरों में भारतीय वाणिज्य दूतावास स्थापित किए जाएंगे. जैसे ही पीएम मोदी ने यह घोषणा की, तो रोनाल्ड रीगन सेंटर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अमेरिका बेंगलुरु और अहमदाबाद में नए वाणिज्य दूतावास खोलेगा. नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास विश्व के सबसे बड़े अमेरिकी राजनयिक मिशनों में से एक है. इसकी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, दूतावास 4 वाणिज्य दूतावासों - मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद में इसकी गतिविधियों का संचालन करता है. पीएम मोदी ने यह भी ऐलान किया कि भारतीय मूल के सदस्यों को अब H-1B वीजा के लिए अमेरिका नहीं छोड़ना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि, 'अब यह फैसला लिया गया है कि H-1B वीजा नवीनीकरण अमेरिका में ही किया जा सकता है.' बता दें कि, नए वीजा नियमों से भारतीयों के लिए अमेरिका में रहना और काम करना सरल हो जाएगा.

रिपोर्ट के अनुसार, यह एक पायलट प्रोगाम होगा, आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर भारतीय नागरिक इसके दायरे में आ सकेंगे. इसके नतीजे देखने के बाद यह सुविधा एल कैटेगिरी वीजा के लिए भी दी जा सकती है. भारतीय नागरिक अब तक यूएस H-1B वीजा कार्यक्रम के सबसे सक्रिय उपयोगकर्ता हैं और वित्तीय वर्ष 2022 में करीब 4,42,000 H-1B वीजा श्रमिकों में से 73 फीसद भारतीय नागरिक हैं. राष्ट्रपति जो बाइडेन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा पर थे. अपनी यात्रा के तीसरे दिन, पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और अमेरिकी कांग्रेस के जॉइन्ट सेशन को संबोधित किया.

क्या है H-1B वीजा और भारतीयों के लिए क्यों अहम ?

बता दें कि, H-1B वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है. H-1B वीजा आमतौर पर उन लोगों को दिया जाता है, जो अमेरिका में काम के सिलसिले में  जाते हैं. अन्य शब्दों में कहें तो ये वीजा अमेरिकी कंपनियों में काम करने वाले ऐसे कुशल कर्मचारियों को रखने हेतु दिया जाता है, जिनकी अमेरिका में कमी है. इसके बाद उसे ग्रीन कार्ड प्रदान किया जाता है. इस वीजा की वैलिडिटी छह वर्षों की होती है. अमेरिकी कंपनियों की डिमांड के कारण भारतीय IT प्रोफेशनल्‍स इस वीजा सर्वाधिक हासिल करते हैं.  जिन लोगों का H-1B वीजा की अवधि खत्म हो जाती है, तो वह फिर अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. H-1B वीजा धारक व्यक्ति अपने बच्चों और पत्नी के साथ अमेरिका में रह सकता है.

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