सरकार के खिलाफ एक जुट हुए मुस्लिम संगठन

Apr 16 2018 03:01 PM
सरकार के खिलाफ एक जुट हुए मुस्लिम संगठन


पटना: केंद्र की बीजेपी सरकार के विरोध में मुस्लिम नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है. मुस्लिमों की महत्वपूर्ण संस्था इमारत-ए-शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने संयुक्त रूप से पटना के गांधी मैदान में दीन बचाओ-देश बचाओ रैली का आयोजन कर मुल्क और इस्लाम पर खतरा बताया. दलितों के प्रति हमदर्दी जताते हुए वक्ताओं ने मुसलमानों को उनसे दोस्ती करने के लिए प्रेरित किया. वक्ताओं ने केंद्र की पीएम मोदी सरकार को जमकर कोसा और मुल्क की हिफाजत के लिए संघर्ष का एलान किया. कार्यक्रम का उद्घाटन अमीर-ए-शरीयत मौलाना वली रहमानी ने किया. दबे-कुचले लोगों को एकजुट होने की अपील करते हुए रहमानी ने कहा कि मुस्लिम और दलित एक-दूसरे का साथ दें. मसला सिर्फ जानमाल का नहीं, बल्कि मुल्क और तहजीब की हिफाजत का है. मुल्क से खिलवाड़ हम बर्दाश्त नहीं कर सकते.


रहमानी ने कहा कि हमने चार साल इंतजार किया और सोचा कि भाजपा संविधान के तहत देश चलाना सीख लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पर्सनल लॉ पर हमला किया जा रहा है. हमें बताना पड़ रहा है कि देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा है. रहमानी ने केंद्र सरकार पर देश का दस्तूर बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में तालिम और तहजीब का माहौल नहीं है. एससी-एसटी समुदाय पर हमले हो रहे हैं. संविधान खत्म करने की कोशिश हो रही है. दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थलों को खत्म किया जा रहा है. देश में जुल्म करने वालों का एक बड़ा वर्ग तैयार हो गया है. दलितों और मुसलमानों को परेशान करने में उन्हें मजा आता है. 


 रहमानी ने मुस्लिमों से सब्र रखने की नसीहत देते हुए कहा कि बिना वजह जोश में आना मसले का हल नहीं है, दिमाग से फैसला करना है. लंबी प्लानिंग करनी है. नए दोस्तों को तलाश करना है. दुश्मनों की पहचान करना है. दलित-मुस्लिम भाई-भाई बनकर रहें. मुसीबत में दूसरे की मदद करें. हमारी जिम्मेवारी नफरतों को खत्म करके कौमी एकता को मजबूत करना है. गौरतलब है कि मोदी सरकार के कुछ हालिया फैसले से मुस्लिम समुदाय लगातार नाराज़ चल रहा है. 

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