प्रवासी मजदूरों की फ्री यात्रा से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बात

मंगलवार को भारत की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए एक जनहित याचिका का निपटारा कर दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें प्रवासी कामगारों को राहत उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त कदम उठा रही हैं. 

विदेश से भारत आने के लिए चार्टेड प्लेन की मांग, हरदीप पुरी बोले- बाद में सोचेंगे

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि याचिका में प्रवासी कामगारों को मुफ्त यात्रा सुविधा देने के लिए रेलवे और राज्यों को निर्देश देने की मांग की गई थी.जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें याचिका लंबित रखने का कोई कारण नजर नहीं आता.

खाड़ी देशों में कोरोना संक्रमित हो चुके हैं 10 हज़ार भारतीय, 84 लोगों की हो चुकी है मौत

इस बात का हवाला देकर उन्होंने याचिका का निपटारा कर दिया. याचिकाकर्ता अहमदाबाद स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान के पूर्व प्रभारी निदेशक जगदीप एस. छोकर और वकील गौरव जैन की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि सभी प्रवासी कामगारों को अपने गांव जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और कइयों को पैदल चलकर घर लौटना पड़ रहा है. इस पर पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई राहत सरकार ने पहले ही मुहैया करा दी है.

खौफनाक मंज़र: गोदाम में आग लगने से लोगों में मचा कोहराम

पुलवामा में जारी है सेना और आतंकियों की मुठभेड़, एक को किया ढेर

दिल्ली की लोधी कॉलोनी इलाके में मिला महिला कांस्टेबल का शव, पति पर हत्या का शक

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -