जैन मुनि तरुण सागर का निधन : राजनेताओं ने इस तरह दी श्रद्धांजलि

Sep 01 2018 11:45 AM
जैन मुनि तरुण सागर का निधन : राजनेताओं ने इस तरह दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली।  प्रसिद्ध जैन मुनि तरुण सागर महाराज का आज सुबह 51 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वे कई दिनों से थे पीलिया की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।  शनिवार सुबह दिल्ली के मैक्स अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया है। उनके निधन के बाद से सिर्फ भारत ही नहीं  दुनिया भर में उनके अनुयायी शोक में डूबे हुए है। 

मुनि तरूण सागर जी 'अच्छे दिन' को लेकर कही थी यह बात

तरुण सागर महाराज को देश के बड़े-बड़े राजनेताओं ने इस तरह से श्रद्धांजलि अर्पित की 

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट करते हुए जैन मुनि तरुण सागर को  श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि मुनी तरुण सागर जी महाराज के आकस्मिक निधन से मुझे गहरा सदमा लगा है। हम उन्हें हमेशा अपने समृद्ध आदर्शों, करुणा और समाज में योगदान के लिए याद करेंगे। उनकी महान शिक्षा लोगों को प्रेरणा देना जारी रखेगी। मेरी सहानुभूति जैन समुदाय और उनके अनगिनत शिष्यों के साथ हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी तरुण सागर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा कि  हमने शांति और मानवता के एक महान प्रचारक को खो दिया है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ट्विटर पर दुख जाहिर करते  हुए लिखा कि तरुण सागर महाराज की शिक्षाएं और आदर्श हमेशा मानवता को प्रेरित करेंगे

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने भी तरुण सागर को इस तरह से श्रद्धांजलि अर्पित की 


भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी जैन मुनी श्री तरुण सागर के निधन पर अपना दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तरुण सागर को अपने "कडव पर्ववन" के लिए जाना जाता है, उन्होंने समाज में शांति और अहिंसा का संदेश फैलाया। हमारे देश ने एक सम्मानित आध्यात्मिक नेता खो दिया है।

 

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कांग्रेस पार्टी ने भी अपने ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए इस तरह से  तरुण सागर को  श्रद्धांजलि अर्पित की 


भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने तरुण सागर को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि जैन मुनि श्रद्धेय तरुण सागर जी महाराज के निधन की खबर सुनकर  स्तब्ध हूँ। वे प्रेरणा के स्रोत, दया के सागर एवं करुणा के आगार थे। भारतीय संत समाज के लिए उनका निर्वाण एक शून्य का निर्माण कर गया है।  मैं मुनि महाराज के चरणों में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।


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