IIMC के महानिदेशक बोले- 'यह भारतीय भाषाओं को बचाने का समय है'

Oct 20 2020 02:25 PM
IIMC के महानिदेशक बोले- 'यह भारतीय भाषाओं को बचाने का समय है'

नई दिल्ली: भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने हाल ही में हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित की गई प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण समारोह में बहुत सी बातें की। इस दौरान उन्होंने कहा, ''पूरे विश्व में लगभग 6000 भाषाओं के होने का अनुमान है। भाषाशास्त्रियों की भविष्यवाणी है कि 21वीं सदी के अंत तक इनमें से केवल 200 भाषाएं जीवित बचेंगी और खत्म हो जाने वाली भाषाओं में भारत की सैकड़ों भाषाएं होंगी।''

इस दौरान कार्यक्रम में संस्थान के अपर महानिदेशक श्री सतीश नम्बूदिरीपाद, प्रोफेसर आनंद प्रधान एवं भारतीय सूचना सेवा की पाठ्यक्रम निदेशक श्रीमती नवनीत कौर भी शामिल रहे। वैसे तो आप सभी जानते ही होंगे कि इस समय कोविड-19 का दौर चल रहा है। वहीं इस महामारी के संबंध में सरकार की तरफ से जारी दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए इस कार्यक्रम में केवल पुरस्कार विजेताओं को ही आमंत्रित किया गया। इस दौरान प्रो. द्विवेदी ने कहा कि 'अगर आप भाषा विज्ञान के नजरिए से देखें, तो हिंदी एक पूर्ण भाषा है। हिंदी की देवनागरी लिपि पूर्णत: वैज्ञानिक है। हिंदी भाषा में जो बोला जाता है, वही लिखा जाता है, जिसके कारण संवाद और उसके लेखन मे त्रुटियां न के बराबर होती हैं।'

इसी के साथ आगे उन्होंने कहा कि, 'भाषा मनुष्य की श्रेष्ठतम संपदा है। सारी मानवीय सभ्यताएं भाषा के माध्यम से ही विकसित हुई हैं। साल 2040 तक भारत विश्व की एक बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन चुका होगा। आप सोचिए कि उस भारत के अधिकतर नागरिक अपने जीवन के सारे प्रमुख काम किस भाषा में कर रहे होंगे? वर्तमान में जिस तरह अंग्रेजी का चलन तेजी से बढ़ रहा है, क्या उसके बीच हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं को स्थान मिलेगा?' वैसे इस कार्यक्रम में प्रो. द्विवेदी ने ही सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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