भारत के जाने-माने नेता है फारूक अब्दुल्ला, इस कानून के तहत हुए ​गिरफ्तार

भारत के जाने-माने नेता है फारूक अब्दुल्ला, इस कानून के तहत हुए ​गिरफ्तार

आज यानी 21 अक्टूबर के दिन फारूक अब्दुल्ला अपना जन्मदिन मना रहे है. लेकिन  शेख अब्दुल्ला ने कभी नहीं सोचा होगा कि उनके बेटे फारूक को एक दिन उसी सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत गिरफ्तार किया जाएगा. जिसे उन्होंने 1978 में जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य में लकड़ी के तस्करों से निपटने के लिए अधिनियमित किया था.

पाकिस्तान ने किया स्वीकार, कहा- भारतीय सेना ने किया हमला, हमारा एक सैनिक मरा

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि 1990 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने राज्य में जब विवादास्पद सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम को लागू किया तो उस समय पीएसए का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल किया गया. हालांकि सोमवार को, प्रशासन ने उसी चार दशक पुराने अधिनियम का उपयोग तीन बार के मुख्यमंत्री व पांच बार के सांसद रह चुके डॉ. फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ किया.

केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर का बड़ा बयान, कहा- वैश्विक सुस्ती के बाद भी भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था

अगर आपको नही पता तो बता दे कि पीएसए के तहत की गई कार्रवाई की समय-समय पर समीक्षा की जा सकती है और इसे उच्च न्यायालय में चुनौती भी दी जा सकती है. इस अधिनियम में 2012 में संशोधन किया गया था और इसके कुछ कठोर प्रावधानों में ढील दी गई थी. संशोधन के बाद, बिना किसी मुकदमे के पहली बार अपराधी या व्यक्ति को हिरासत में रखने की अवधि दो साल से घटाकर छह महीने कर दी गई. हालांकि इसमें एक प्रावधान है कि आवश्यक होने पर कैद को दो साल तक बढ़ाया जा सकता है.

VIDEO: करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाक का 'नापाक' प्लान, सिखों को भड़काने की साजिश

सौरव गांगुली के साथ राजनीतिक संबंधों को लेकर अमित शाह ने कही यह बात

राहुल गांधी का पियूष गोयल पर वार, कहा- वे कट्टरपंथी घृणा में अंधे हैं