हां, जासूसी हुई..., Pegasus की पुष्टि करने वाली दुनिया की पहली एजेंसी बनी फ्रांस की ANSSI

पेरिस: फ्रांस की राष्ट्रीय साइबर-सुरक्षा एजेंसी ANSSI ने देश की ऑनलाइन खोजी पत्रिका मीडियापार्ट के दो जर्नलिस्ट के फोन में Pegasus स्पाइवेयर की मौजूदगी की पुष्टि की है, प्रकाशन ने गुरुवार को उस संबंध में जानकारी दी है। बता दें कि यह एक सरकारी एजेंसी द्वारा वैश्विक स्नूपिंग घोटाले की पूरी दुनिया में पहली पुष्टि है। 

मीडियापार्ट ने बताया है कि, "ANSSI द्वारा की गई स्टडी रिपोर्ट एमनेस्टी इंटरनेशनल की सिक्योरिटी लैब के निष्कर्षों की तरह ही है, जिसमें Pegasus द्वारा जासूसी की वास्तविकता, इसके तौर-तरीकों, तिथियों और अवधि के बारे में जिक्र किया गया है." मीडियापार्ट उन 17 अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों में शामिल है, जो इस रिपोर्ट को प्रकाशित कर रहे हैं. इनकी रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली स्पाइवेयर Pegasus का इस्तेमाल स्मार्टफोन को हैक करने के लिए किया गया. यह स्पाइवेयर फोन के मैसेज पढ़ने, कॉल रिकॉर्ड करने और माइक्रोफ़ोन को गुप्त रूप से एक्टिव करने की ताकत रखता है.

भारत में इस साजिश का खुलासा करने वाले अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ के भारतीय मीडिया आउटलेट 'द वायर' के मुताबिक, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं, शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों, मंत्रियों और पत्रकारों  के फोन पेगासस जासूसी के संभावित लक्ष्य थे. इस विवाद ने विपक्ष द्वारा सरकार पर आक्रामक हमलों को हवा दी है और संसद में हंगामा मचा दिया है.

रूस में एक बार फिर बढ़ा कोरोना का कहर, फिर सामने आए इतने नए मामले

पाकिस्तान में पुलिस के गश्तीदल पर हुआ हमला, एक पुलिसकर्मी की मौत, दूसरा घायल

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने संभावित सरकारी शटडाउन से बचने के लिए वित्त पोषण विधेयक किया पारित

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -