छत्रपति शिवजी ने जिस हथियार से किया था अफजल खान का वध, इंग्लैंड से वापस लाया जा रहा वो 'वाघ नख'

छत्रपति शिवजी ने जिस हथियार से किया था अफजल खान का वध, इंग्लैंड से वापस लाया जा रहा वो 'वाघ नख'
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मुंबई: 'वाघ नख', बाघ के पंजे की तरह डिजाइन किया गया एक खंजर, जिसका इस्तेमाल छत्रपति शिवाजी महाराज ने 1659 में बीजापुर सल्तनत के जनरल अफजल खान को मारने के लिए किया था, जल्द ही ब्रिटेन से भारत वापस लाया जाएगा। यह प्रतिष्ठित हथियार वर्तमान में लंदन के विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय में रखा हुआ है।

बता दें कि, यह प्रतिष्ठित हथियार, जो सतारा दरबार में शिवाजी महाराज के वंशजों के कब्जे में था, ईस्ट इंडिया कंपनी के एक अधिकारी, जेम्स ग्रांट डफ को तोहफे में दे दिया गया था। भारत में अपनी सेवा के बाद, डफ 'वाघ नख' को ब्रिटेन ले गए। इसके बाद डफ के वंशजों ने शिवाजी के प्रतिष्ठित हथियार को संग्रहालय को दान कर दिया। शिवाजी के प्रतिष्ठित 'वाघ नख' को भारत वापस लाने की पहल के पीछे महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार हैं। वह विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे।

महाराष्ट्र सरकार ने बताया अमूल्य खजाना:-

सांस्कृतिक मामलों के मंत्री, प्रमुख सचिव, संस्कृति विभाग और निदेशक, पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय का प्रतिनिधिमंडल 29 सितंबर से 4 अक्टूबर, 2023 तक लंदन में विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय और अन्य संग्रहालयों का दौरा करेगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रतिनिधिमंडल की छह दिवसीय यात्रा के लिए 50 लाख रुपये आवंटित किए हैं। महाराष्ट्र सरकार के एक बयान में कहा गया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज के 'वाघ नख' या बाघ के पंजे इतिहास का एक अमूल्य खजाना हैं और राज्य के लोगों की भावनाएं उनके साथ जुड़ी हुई हैं। बाघ के इन पंजों को ब्रिटेन से भारत वापस लाए जाने का कार्यक्रम है। इसमें कहा गया है कि बाघ के पंजों के स्थानांतरण के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी और देखभाल की जरूरत है। इसलिए इस प्रतिनिधिमंडल के दौरे के लिए 50 लाख रुपये मंजूर किये गये। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने उक्त प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

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