सरकार ने 'गुरूजी' को सौंपा शराबबंदी लागू करवाने का जिम्मा तो मचा बवाल, अब शिक्षा मंत्री ने दिया जवाब

पटना: बिहार में निरंतर लोग जहरीली शराब पीने से अपनी जाना गँवा रहे हैं तथा बीते दिनों नालंदा, छपरा तथा बक्सर की वारदात इस बात की गवाही देते हैं कि कैसे इन तीनों स्थान पर जहरीली शराब पीने से अब तक तीन दर्जन से भी अधिक व्यक्तियों की मौत हो चुकी है. इस बीच हाल ही में जानकारी आई थी कि बिहार में अब शराबबंदी कानून को और कठोरता से लागू करने की जिम्मेदारी 'सरकारी टीचरों' को दी गई है. मतलब शराब माफिया तथा शराबियों को चिह्नित करके उनके बारे में प्रशासन से खबर शेयर करने की जिम्मेदारी सरकारी अध्यापको एवं प्रिंसिपल को दी गई है.

वही अब इसको लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी का बयान सामने आया है. उन्होंने इस आदेश को लेकर उठे विवाद पर बताया कि प्रदेश सरकार ने पहले ही बिहार के सभी लोगों से अपील की हुई है कि उन्हें शराब माफिया अथवा शराबियों के बारे में कोई खबर प्राप्त हो तो प्रशासन को इसकी खबर दें. अध्यापक भी बिहार के लोगों का एक भाग हैं तथा शिक्षा विभाग ने चिट्ठी लिखकर सिर्फ उनसे शराबबंदी कानून को लेकर उनके सहयोग की मांग की है.
 
बता दें कि हाल ही में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत अन्य अफसरों को एक चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में बताया गया है कि ऐसी सूचनायें मिल हैं कि अभी भी कतिपय व्यक्तियों द्वारा चोरी-छुपे शराब का सेवन किया जा रहा है। इसे रोकना बहुत जरुरी है। उन्होंने चिट्ठी में आगे लिखा, इस सिलसिले में निर्देश दिया जाता है कि प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शिक्षा समिति की बैठक आहूत कर नशामुक्ति के सिलसिले में जरुरी खबर दी जाए। चिट्ठी में यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि विद्यालय अवधि के पश्चात् चोरी छिपे नशापान करने वाले विद्यालय परिसर का कतई इस्तेमाल न करें।

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