राजस्थान में तेजी से बढ़ रहा डेंगू का खौफ, अब तक 50 की मौत

जयपुर: राजस्थान में डेंगू बेकाबू होता हुआ नज़र आ रहा है। डेंगू समेत अन्य मौसमी बीमारियों को लेकर राज्य सरकार द्वारा चलाया गया अभियान भी सफल सिद्ध नहीं हो पाया है। सीएम अशोक गहलोत के निर्देश के बावजूद न तो कीटनाशक दवा छिड़की जा रही रही है और न ही घर-घर सर्वे का कार्य  व्यवस्थित ढंग से किया जा रहा है। राज्य में अब तक 13 हजार से ज्यादा डेंगू पीड़ित देखने को मिल चुके है। डेंगू से अब तक 50 लोगों की जान जाने की खबर भी सामने आई है। हालांकि सरकार 30 लोगों की मौत ही बता रही है।

जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल सहित राज्य के अधिकांश बड़े हॉस्पिटल में डेंगू पीड़ित की भीड़ प्रतिदिन तेजी से बढ़ती जा रही है। सरकारी हॉस्पिटल में बेड खाली नहीं मिल रहे हैं। जयपुर के जेकेलान हॉस्पिटल में तो एक-एक बेड पर 2 से तीन बच्चों का उपचार अब भी चल रहा है। चिकित्सकों का बोलना है कि डेंगू का नया वैरिएंट डेनवी-2 और डेनवी-3 की वजह से संकट अधिक बढ़ चुका है। चिकित्सकों का कहना है कि नए वैरिएंट की वजह से मौत का खतरा ज्यादा होता है। नए वैरिएंट की वजह से किडनी, लिवर, दिमाग में गंभीर बीमारी होने की संभावना बनी हुई है। उच्च रक्तचाप की शिकायत भी होती है। उधर कोविड संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका जताए जाने के बावजूद राज्य में सैम्पलिंग का कार्य पहले से कम  हो चुका है। दीपावली के बाद रविवार को अचानक डेंगू और कोविड पीड़ितों की संख्या बढ़ी है।  जिसकी वजह से एक साथ भीड़ एकत्रित होना और त्योंहार की खुशी में तय गाइडलाइन की अनदेखी करना माना जा रहा है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने बोला है कि डेंगू से निपटने के लिए हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किए जा चुके है। हॉस्पिटल में दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई गई है। सैम्पलिंग का कार्य भी शुरू कर दिए गए है। डेंगू के प्रकोप को देखते हुए टास्क फोर्स बनाई गई है।

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