निफ़्टी बना सकता है नया हाई, निवेशक को बेहतर रिटर्न की पूरी संभावना

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 7,500 अंक पर पहुंचने के बाद हमने 10,500 अंक के लक्ष्य के साथ जोरदार खरीदारी प्रारंभ की क्योंकि हम 12.54 के पीई रेश्यो (प्राइस टू अर्निंग्स अनुपात) के करीब पहुंच गए थे, जो 1991 के न्यूनतम स्तर से केवल 12 प्रतिशत दूर रह गया था. अगर हम 12 प्रतिशत का रिस्क नहीं ले सकते हैं तो हम कैपिटल मार्केट में निवेशक के हिसाब से सही नहीं हैं. इस राय को मानने वाले सभी सीएनआई सदस्यों को काफी लाभ हुआ. कुछ सदस्यों ने अनिश्चितता, फ्यूचर और डेराइवेटिव्स में भारी नुकसान के डर एवं हमारे विश्लेषण पर बहुत ज्यादा विश्वास नहीं करने की कारण से इस राय को नहीं माना. हमारी राय को मानने वालों को बीते तीन माह में 25 प्रतिशत से लेकर 100 फीसद तक का लाभ बाजार से हुआ है और यह चाल अभी धीमी नहीं हुई है.

वैश्विक स्तर पर चमका सोना, कीमत कर देगी तुरंत खरीदने पर मजबूर

हम कई अवसर पर इस सबजेक्ट पर बात कर चुके हैं, फिर भी ये जानने के लिए एक बार फिर से इस मसले पर बात कर रहे हैं कि आर्थिक गतिविधियों में गिरावट के बाद भी घरेलू एवं विश्व स्तर पर शेयर मार्केट में तेजी की वजह क्या है. 

कोरोना कवच बीमा पालिसी को मिली 29 कंपनियों की मंजूरी, 5 लाख तक रहेगी बीमा राशि

इस बात का प्रारंभ करते हुए हम इस पहलू की ओर आपका ध्यान आ​कर्षित करना चाहते हैं कि पीई रेश्यों अब भी 18.5 से 19 के करीब है. जिसका मतलब है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अब भी ऊपर की ओर जाने के आसार मौजूद है. NSE का पीई रेश्यों 27 के ऊपर रह चुका है और इसका आवश्यक कारण रहा होगा.

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