राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून का हांगकांग में विरोध जारी, भारतीय राजदूत ने कही यह बात

विश्व स्तर पर हांगकांग का मुद्दा लगातार गंभीर होता जा रहा है. चीन की संसद ने एक नए कानून पर मुहर लगा है. जिसका नाम विरोध हांगकांग में किया जा रहा है. इस कानून का नाम है राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून. कानून के खिलाफ जनता ने देश में आवाज बुंलद कर दी है. 

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कानून के विरोध में दुनिया के दूसरे देश भी उतर गए है. इन देशों का मानना है कि इस कानून से हांगकांग में रहने वाले लोगों के अधिकारों और उनकी स्‍वतंत्रता को खतरा है. हालांकि चीन इन देशों द्वारा जताई गई आशंका को बिल्कुल भी मानने को तैयार नही है. वहीं ताइवान ने भी हांगकांग के मुद्दे पर चीन विरोधी देशों का साथ दिया है. बहरहाल, पूरे दुनिया हांगकांग को एक गंभीर विषय के तौर पर ले रही है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अमेरिका में भारत की पूर्व राजदूत मीरा शंकर ने कानून के खिलाफ बयान जारी किया है. उनका मानना है कि कानून की वजह से हांगकांग की स्थिति लगातार गंभीर हो रही है. वहां पर होने वाले विरोध प्रदर्शन के जल्‍द खत्‍म होने की उम्‍मीद फिलहाल दिखाई नही दे रही है. वहीं चीन का शिकंजा लगातार हांगकांग पर कसता जा रहा है. ऐसे में जो पूर्व में चीन ने one country and two system के जिस समझौते पर हस्‍ताक्षर किए थे वो अब खत्‍म होता दिखाई दे रहा है. उन्‍होंने इस दौरान ये भी कहा कि हांगकांग के बदलते हालातों के मद्देनजर भारत को भी वहां पर रह रहे अपने नागरिकों के बारे में सोचना होगा. भारतीय मूल के ये लोग हांगकांग में बिजनेस के क्षेत्र में भी काफी आगे थे. लेकिन बदलते हालातों के बीच ये लोग वहां पर रहेंगे या नहीं ये कहना अभी मुश्किल है, लेकिन इस बारे में भारत को सोचने की जरूरत जरूर है.

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