निर्भया कांड: दोषियों ने अब तक नहीं बताई अपनी आखिरी इच्छा, कब मिलेंगे परिवार से

निर्भया कांड: दोषियों ने अब तक नहीं बताई अपनी आखिरी इच्छा, कब मिलेंगे परिवार से

नई दिल्ली: निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या करने वाले 4 दोषियों में से किसी ने अभी तक तिहाड़ जेल अधिकारियों को इस बात के लिए सूचित नहीं किया है कि वे अपने परिवार से अंतिम बार कब मिलना चाहेंगे. और दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार की ओर से आज दी गई दलीलों के बाद 22 जनवरी  2020 को चारों को फांसी दिये जाने की संभावना कम होती नज़र आ रही है. जंहा जेल अधिकारियों ने बाते बुधवार यानी 15 जनवरी 2020 को बताया कि चारों में से किसी पर भी अभी परिजनों से मिलने पर रोक नहीं है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक अधिकारी ने बताया कि दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह अपनी पत्नी से फोन पर बात करता है लेकिन वह नवंबर, 2019 के बाद उससे मिलने नहीं आई है. कारण पूछने पर अक्षय ने जेल अधिकारियों को बताया कि वह तभी आएगी जब वह बुलाएगा. इस मामले में मौत की सजा पाने वाले चार दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश कुमार और पवन गुप्ता को 22 जनवरी को सुबह सात बजे फांसी दी जानी थी. लेकिन दिल्ली सरकार ने बीते बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि चूंकि इनमें से एक की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है, ऐसे में उन्हें फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता.

आपकी जानकरी के लिए हम आपको बता दें कि जेल अधिकारी ने बताया, ‘प्रत्येक कोठरी के पास 24 घंटे 3-4 गार्ड होते हैं और वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं. कोठरी में कोई पंखा नहीं है. उन्हें अकेले रखा गया है, उन्हें किसी से मिलने की अनुमति नहीं है. वही यह भी कहा जा रहा ही कि हम उन्हें आपस में भी बात करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं.’ उन्होंने बताया कि कोठरी के बाहर खुली जगह है जहां वह टहल सकते हैं, व्यायाम या योग कर सकते हैं. डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक लगातार 4 से बात कर रहे हैं ताकि उनका दिमाग सही रहे. वहीं  सत्र अदालत द्वारा सात जनवरी को मौत का वारंट जारी होने के बाद से चारों को अलग-अलग कोठरियों में रखा गया है.

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