खोई जमीन वापस पाने की जुगत में CPM, पुरानी रणनीति पर करेगी काम

खोई जमीन वापस पाने की जुगत में CPM, पुरानी रणनीति पर करेगी काम

चेन्नई: 2019 लोकसभा चुनाव में तक़रीबन अपना सूपड़ा साफ करवा चुका सीपीआईएम अपना अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहा है. तमिलनाडु और केरल में कुल मिलाकर महज 3 सीटों पर सिमट गई सीपीआईएम ने दिल्ली में शुक्रवार से तीन दिवसीय सेंट्रल कमेटी की बैठक का आयोजन किया है. इसमें गत माह हुई पोलित ब्यूरो की बैठक का प्रस्ताव भी रविवार को रखा गया. 

पार्टी की सेंट्रल कमेटी की बैठक में वाम दल में बड़े स्तर पर परिवर्तन करने का इशारा किया है, ताकि जिन प्रदेशों में लेफ्ट अपना जनाधार खो चुकी है वहां फिर से अपनी पकड़ को फिर से मजबूत किया जा सके. सेंट्रल कमेटी की बैठक में शिकस्त की समीक्षा पर सीपीआईएम ने निर्धारित किया है कि वे एक बार फिर से समाज में कमजोर तबके मजदूर, किसान और कामगारों तक अपनी पकड़ मजबूत करेगी. नए मतदाता और युवाओं तक अपनी पकड़ बढ़ाने के लिए सीपीआईएम सोशल और डिजिटल मीडिया पर भी आक्रामक ढंग से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी.

बैठक में शामिल सूत्रों के अनुसार, सीपीआईएम अब केरल के साथ ही बंगाल और त्रिपुरा जैसे राज्यों में पार्टी के संगठन को फिर से मजबूत करेगी, जहां कभी उसका जनाधार बढ़ा था लेकिन समय के साथ उसकी राजनितिक जमीन खत्म हो गई है. सीपीएम को लगता है कि केरल में अभी भी उसका जनाधार बढ़ा है, किन्तु यूथ विंग इकाइयों को फिर से मजबूत करने की तैयारी की जाएगी.

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