कलेक्टर ने किया ऐसा काम बदल गई सरकारी अफसरों की परिभाषा

सरकारी अफसर के रुबाब को छोड़ तमिलनाडु के करूर जिले के कलेक्टर की सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया साथ ही उनका एक कारनामा सोशल मिडिया पर भी सराहना पा रहा है. दरअसल कलेक्‍टर कार्यालय में ड्राइवर के तौर पर तैनात परमासिवम कई वर्षों की सेवा के बाद 30 अप्रैल को रिटायर होने जा रहे थे. कलेक्‍टर टी अंबाझगन रिटायरमेंट के दिन परमासिवम को अधिकारी की तरह विदाई देना चाहते थे जिसके लिए उन्होंने खास तैयारी की. उन्होंने 29 अप्रैल को पूरे ऑफिस को पार्टी दी.

इसके बाद उन्होंने  परामासिवम और उनकी पत्नी के लिए का दरवाजा खोला और उन्हें खुद कार चलाकर उन्हें घर तक विदा करने गए.कलेक्‍टर के इस सादगी को देखकर हर कोई हैरान रह गया. पारामासिवम ने बताया कि जब कलेक्‍टर साहब ने खुद गाड़ी चलाने की बात की तो मैं चौंक गया. उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी नहीं सोचा था कि मुझे इस तरह का सम्मान मिलेगा.  मैं अपने अफसर का आभारी हूं, मुझे गर्व है कि मैं अपने राज्य की कुछ सेवा कर सका.

घर पहुंचने के बाद कलेक्टर टी. अन्बाझगन ने पारामासिवम के परिवार के साथ काफी वक्त भी बिताया. अपने ड्राइवर के विदाई समारोह को लेकर अंबाझगन ने कहा कि अगर कलेक्टर 16 घंटे काम करता है तो उसका ड्राइवर 18 घंटे काम करता है मैं बस उन्‍हें अपने तरीके से सम्‍मानित करना चाहता था, मुझे अच्‍छा लगा कि उन्‍हें खुशी दे पाया. काश हर सरकारी अफसर इस तरह की सोच रखे  तो सरकारी अफसरों की दशकों से चली आ रही परिभाषा बदल जाये. भले सभी अपने ड्रायवर को घर छोड़ने ना जाये मगर अपने अधीनस्थों को वो प्रेम और सम्मान दे जिसके वे अधिकारी है, इसकी एक मिसाल पेश की है  करूर जिले के कलेक्टर टी अंबाझगन ने.

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