जानिए क्या है भारत के राष्ट्रगान जन-गण-मन का वास्तविक अर्थ?

नई दिल्ली: भारत में ‘स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव’ मनाया जा रहा है। स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव देश की आजादी की 75वीं सालगिरह मनाने के लिए भारत सरकार की तरफ से आयोजित किए जाने वाले प्रोग्रामों की एक शृंखला है। यह महोत्सव जनहिस्सेदारी की भावना में एक जन-उत्सव के तौर पर पूरे देश भर में मनाया जाएगा। आजादी की 75वीं सालगिरह पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में नीतियों एवं योजनाओं को तैयार करने के लिए गृहमंत्री की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय क्रियान्वयन कमिटी बनाई गई है। महोत्सव के आरभिंक प्रोग्राम 12 मार्च, 2021 से आरम्भ हो गए हैं। ये कार्यक्रम 15 अगस्त, 2022 से 75 हफ्ते पहले आयोजित किए जा रहे हैं।

वही इस विशेष मौके पर आइए राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें जानते हैं। ये भी जानते हैं कि हमारे राष्ट्रगान का मतलब क्या है। राष्ट्रगान में प्रयुक्त हुए शब्दों के मायने क्या हैं।

जन-गण-मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्‍य विधाता
पंजाब-सिंधु-गुजरात-मराठा
द्राविड़-उत्‍कल-बंग
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्‍छल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मांगे
गाहे तव जय-गाथा
जन-गण-मंगलदायक जय हे भारत भाग्‍य विधाता
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे

शब्दों का हिंदी और अंग्रेजी में अर्थ:-
जन- People-लोग
गण- Group- समूह
मन- Mind- दिमाग
अधिनायक- Leader-नेता
जय हे- Victory- जीत
भारत- India-भारत
भाग्य- Destiny-किस्मत
जय हे- Victory-जीत
भारत- India-भारत
भाग्य- Destiny-किस्मत
विधाता- Disposer-ईश्वर
पंजाब- Punjab-पंजाब
सिंधु-Sindhu-सिंधु
गुजरात-Gujarat-गुजरात
मराठा- Maratha-मराठा (महाराष्ट्र)
द्राविड़- South-दक्षिण
उत्कल- Orissa-उड़िसा
बंगा- Bengal-बंगाल
विंध्य- Vindhyas-विन्धयाचल
हिमाचल- Himalay-हिमालय
यमुना-Yamuna-यमुना
गंगा-Ganges-गंगा
उच्छल- Moving-गतिमान
जलधि- Ocean-समुद्र
तरंगा- Waves-लहरें
तव- Your-तुम्हारा
शुभ- Auspicious-मंगल
नामे-name-नाम
जागे- Awaken-जागो
तव-Your-तुम्हारा
शुभ-Auspicious-मंगल
आशिष (हिंदी में आशीष)-Blessings-आशीर्वाद
मांगे-Ask-पूछो
गाहे- Sing-गाओ
तव- Your-तुम्हारी
जय- Victory-जीत
गाथा-Song-गीत
जन-People-लोग
गण-Group-समूह
मंगल-Fortune-भाग्य
दायक- Giver-दाता
जय हे- Victory-जीत
भारत- India-भारत
भाग्य-Destiny-किस्मत
विधाता-Dispenser-ईश्वर
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे= Victory Forever-विजय, विजय, विजय, विजय हमेशा के लिए

राष्ट्रगान का हिंदी में अर्थ:-
जन गण मन के उस अधिनायक की जय हो, जो देश के भाग्यविधाता हैं। उनका नाम सुनते ही पंजाब, सिंध, गुजरात तथा मराठा, द्राविड़, उत्कल तथा बंगाल एवं विंध्य हिमाचल व यमुना एवं गंगा पर बसे व्यक्तियों के ह्रदय में मन को मोहने वाली तरंगे उठने लगती हैं। सब आपके पवित्र नाम पर जाग उठते हैं, सब आपके पवित्र आशीर्वाद पाने की इच्छा रखते हैं तथा सब तुम्हारे जयगाथाओं का गुणगान करते हैं। जनगण के मंगलदायक की जय हो, हे भारत के भाग्यविधाता, विजय हो विजय हो विजय हो, तुम्हारी हमेशा विजय हो 

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