LIVE : निर्मोही अखाड़े के बाद रामलला के वकील ने रखीं दलीलें, कहा- अंग्रेजों ने भी माना, यहीं था मंदिर

Aug 07 2019 03:55 PM
LIVE : निर्मोही अखाड़े के बाद रामलला के वकील ने रखीं दलीलें, कहा- अंग्रेजों ने भी माना, यहीं था मंदिर

नई दिल्ली : अयोध्या में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर मंगलवार से सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई शुरू कर दी गई है. जहां आज भी यह सुनवाई अदालत में जारी रही. SC के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में 5 जजों की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है. वहीं आज एक बार फिर यह सुनवाई आगे बढ़ाई गई. मंगलवार को निर्मोही अखाड़े की तरफ से दलीलें रखी गईं थी और अब रामलला पक्ष की तरफ से दलीलें एकाएक रखी जा रही हैं.

जानिए ताज़ा अपडेट...

03.08 PM : रामलला की तरफ से परासरण ने कोर्ट में कहा कि ब्रिटिश राज में भी जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने इस जगह का बंटवारा किया था, तो मस्जिद की जगह राम जन्मस्थान का मंदिर माना था. उन्होंने इस दौरान वाल्मिकी की रामायण का उदाहरण भी पेश किया. 

02.55 PM : वहीं रामलला की तरफ से दलील रखते हुए वकील परासरण ने आगे बताया कि इस मामले के साथ देश के हिंदुओं की भावनाएं जुड़ी हुए हैं. लोग रामजन्मभूमि को भगवान राम का जन्मस्थान मानते हैं. पुराण और ऐतिहासिक दस्तावेज में इस बात के सबूत भी मिलते हैं.

02.33 PM : SC के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई द्वारा निर्मोही अखाड़ा से कहा गया कि आप अगले दो घंटों में रामजन्मभूमि से जुड़े साक्ष्य पेश करें. इसके बाद जस्टिस चंद्रचूड़ द्वारा यह कहा कि आप हमें रामजन्मभूमि से जुड़े असली दस्तावेज दिखाएं. जिसके बाद निर्मोही अखाड़े के वकील द्वारा जवाब में कहा गया कि सभी दस्तावेज इलाहाबाद हाईकोर्ट के जजमेंट में दर्ज हैं. इस कथन के साथ ही निर्मोही अखाड़ा की दलील खत्म हुई. जबकि फिलहाल रामलला की ओर से वरिष्ठ वकील परासरण अपनी दलील पेश करते हुए नजर आ रहे हैं.

आसमान से अब भी बरसेगी आफत की बारिश, रायगढ़ और ठाणे आएंगे चपेट में : मौसम विभाग

महाराष्ट्र के कल्याण में फिर हुई मॉब लिंचिंग, झारखंड के युवक की मौत

मौसम विभाग पर इस किसान ने दर्ज कराया केस, जानिए क्या है ख़ास वजह ?

पंजाब में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, पाए गए फिदायीन हमले के इनपुट्स