कांग्रेस पूछ रही है तब बीजेपी ने क्यों किया था विरोध

नई दिल्ली : केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा पांच सौ और एक हजार रूपये के नोटों का चलन बंद करने का विरोध करने वाली कांग्रेस ने सरकार से यह पूछा है कि जिस वक्त कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने नोटों को बदलने का निर्णय लिया, तब बीजेपी ने विरोध क्यों किया था।

गौरतलब है कि जनवरी 2014 के दौरान तत्कालीन यूपीए सरकार ने वर्ष 2005 से पहले जारी हुये 31 मार्च तक के नोट को बदलने का निर्णय लिया था। यूपीए सरकार के निर्णय को लेकर यदि किसी ने सबसे ज्यादा हो हल्ला मचाया था तो वह थी बीजेपी प्रवक्त मीनाक्षी लेखी। उन्होंने तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के कदम को न केवल गरीब विरोधी बताया था वहीं यह भी आरोप लगाया था कि यूपीए सरकार कालेधन को संरक्षण प्रदान करने का काम कर रही है।

लेखी ने यह भी कहा था कि सरकार के नोटों का चलन बंद करने के कारण उन लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी जिनके पास बैंक खाता नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि यही स्थिति अब सामने आ रही है तो क्या इसका जवाब मोदी सरकार के पास है। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने बीते मंगलवार की मध्य रात से मौजूदा पांच सौ और एक हजार रूपये के नोटों को चलन से बंद कर दिया है।

नोटों के लिये सरकार ने बढ़ाई 72 घंटे की...

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