एससी/एसटी एक्ट के विरोध में अब कथावाचक भी मैदान में

Sep 05 2018 07:31 PM
एससी/एसटी एक्ट के विरोध में अब कथावाचक भी मैदान में

ग्वालियर: एससी/एसटी एक्ट, राजनितिक विवाद के साथ-साथ अब धर्मयुद्ध में भी तब्दील हो चुका है. कई सरे राजनितिक चेहरों द्वारा टिप्पणी करने के बाद अब धर्मगुरु भी इस मामले पर चुप्पी तोड़ने लगे हैं. इसी क्रम में अब सिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार एससी/एसटी एक्ट पर से संशोधन वापिस ले, वरना वो किया जाएगा जो आज तक भारत के इतिहास में कभी नहीं किया गया होगा, इसके साथ ही देवकीनंदन ने कहा है कि अगर जरुरत पड़ी तो वे राजनीति में भी उतरने को तैयार हैं.

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एक कथा कार्यक्रम में देवकीनंदन ठाकुर ने मंच से ललकारते हुए कहा है कि एससी/एसटी एक्ट के नाम पर जो बिना जांच के गिरफ़्तारी का कानून भारत में लागु किया गया है, ऐसा कोई कानून तो पाकिस्तान में भी नहीं है, क्या हम पाकिस्तान से भी गए बीते हैं. ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि धर्म और जाति के नाम पर देश को बाँटने वालों को उनकी औकात दिखा दी जाएगी. इस कानून पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि  मर्डर और घोटाले में बेल और 'झूठी रिपोर्ट कराने पर जेल, यह कैसा कानून है'.

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राजनीति में उतरने का संकेत देते हुए ठाकुर ने कहा कि हम नोटा को वोट नहीं देंगे, हम जनता को विकल्प देंगे, हम खुद सरकार हैं हमारे अंगूठे के निशान से ही सरकार तय होती है. इसलिए अगर जरुरत पड़ी और सरकार ने ये संशोधन वापिस नहीं लिया तो हम राजनीति में उतरेंगे और इसके खिलाफ मोर्चा खोलेंगे. आपक बता दें कि  इससे पहले जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था तो दलितों ने 2 अप्रैल को भारत बंद किया था, जिसके बाद कई जगह हिंसा हुई और सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया और एससी एसटी एक्ट को मूल रूप में बहाल कर दिया था. 

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