सदन में भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक पारित

सदन में भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक पारित


नई दिल्ली: भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 को गुरुवार को लोकसभा में पारित होने के साथ ही नीरव मोदी, विजय माल्या जैसे भगोड़ों और आर्थिक अपराधियों पर काबू करने के लिए एक बड़ा हथियार देश को मिल गया है. इसी बीच अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि उन्होंने बीजेपी को नहीं छोड़ा है बल्कि बीजेपी ने उन्हें छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि जब तक वह बीजेपी में हैं वह पार्टी का समर्थन करते रहेंगे. टीडीपी और विपक्ष की अन्य पार्टियों ने बुधवार को मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को सुमित्रा महाजन ने मंजूर कर लिया है .

कटाक्ष: सदन में हंगामा भी जरुरी है भाई

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने कहा, "किसने कहा कि हमारे पास संख्या नहीं है." वही पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पत्रकारों से कहा, "हम खुश हैं कि लोकसभा अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार कर लिया है." वेणुगोपाल ने कहा कि रोजगार, कृषि क्षेत्र में संकट, महिला सुरक्षा, लोकपाल की नियुक्ति नहीं होना, दलितों पर हमले और एससी-एसटी कानून को कमजोर करना, बैंकिंग क्षेत्र के घोटालों, जम्मू-कश्मीर की स्थिति, महंगाई, पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी तथा आंध्र प्रदेश के लिए विशेष पैकेज की मांग पूरी नहीं होने के मुद्दे चर्चा के दौरान उठेंगे.

अविश्वास प्रस्ताव पर रस्साकशी, 20 जुलाई को


कांग्रेस के एक अन्य नेता राजीव सातव ने कहा, "ये सरकार पूरी तरह से विफल रही है, इसलिए 20 तारीख को हमारी जो अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा रहेगी, उसमें हम ये बातें रखेंगे और हमें विश्वास है कि हम अविश्वास प्रस्ताव पर पूरी तरह से सफल रहेंगे." सातव ने कहा, 'पिछले चार साल में प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों की जुमलों के अलावा कोई उपलब्धि नहीं है. इन मुद्दों को लेकर हम इस सरकार को घेरेंगे.

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