WHO ने मानी अपनी गलती, भारत में कोरोना को लेकर छापी थी गलत रिपोर्ट

नई दिल्ली. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आखिरकार अपनी एक रिपोर्ट को ठीक कर लिया है, जिसमें बताया गया था कि भारत में कोरोना वायरस कम्यूनिटी ट्रांसमिशन के चरण में है. WHO ने कहा कि ऐसा गलती से हुआ जिसे अब सुधार लिया है. दरअसल, भारत सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि अभी तक देश में सामुदायिक प्रसार आरंभ नहीं हुआ है.

WHO ने शुक्रवार को प्रकाशित कोरोना वायरस की अपनी हालिया रिपोर्ट में गलती को ठीक कर लिया है और कहा कि भारत 'क्लस्टर ऑफ केसेज़' की श्रेणी में आया है, न कि 'कम्यूनिटी ट्रांस्मिशन' की, जैसा कि गुरुवार को छपी रिपोर्ट में बताया गया था. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को यह भी बताया है कि भारत में अभी तक कोई सामुदायिक प्रसार का मामला सामने नहीं आया है और कोरोना वायरस के संक्रमण की दर कम है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव, लव अग्रवाल ने एक प्रेस वार्ता में बताया है कि, 'गुरुवार को 16002 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से सिर्फ 320 लोग ही कोरोना संक्रमित पाए गए, यानी सिर्फ 2 प्रतिशत मामले. लिए गए सैंपल के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि संक्रमण दर अधिक नहीं है, हालांकि यह बढ़ रहा है'.

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