सेटलमेंट का ऑफर देने के बाद भी मैं डिफॉल्टर कैसेः माल्या

नई दिल्ली : बिजनेसमैन विजय माल्या को डिफॉल्टर कहलाना मंजूर नहीं है। खुद की और अधिक बेइज्जती न काने की मंशा से माल्या ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। इसके थोड़े देर बाद ही माल्या ने ट्वीट कर कहा कि उन्हें डिफॉल्टर नहीं ठहराया जा सकता। उधर एसबीआई ने माल्या से कर्ज वसूलने की बात को फिर से दोहराया।

एसबीआई की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि कोई बहाना नहीं चलेगा। हमें एक्चुअल कैश चाहिए। माल्या पर 17 बैंको का 9000 करोड़ रुपया बकाया है। माल्या ने अपने ट्वीट में कहा कि मैं मानता हूं कि किंगफिशर एयरलाइंस ने बैंको से कर्ज लिए थे, पर मैंने तो कोई कर्ज नहीं लिया।

मैंने सेटलमेंट के लिए ऑफर दिया था, इसके बाद मैं डिफॉल्टर कैसे हुआ। मैं चाहता हूँ कि भारतीय मीडिया मुझे डिफॉल्टर कहने से पहले तथ्यों की जांच कर लें। भट्टाचार्य ने कहा कि कर्ज चुकाने की उनकी इच्छा है या नहीं , इसे हमें परखना होगा। मैं एक्चुअल कैश देखना चाहती हूं, मैं कोई ifs and buts नहीं चाहती।

माल्या ने दावा किया था कि उन्होंने बैंकों को एक सीरियस ऑफर दिया था। इस पर भट्टाचार्य ने कहा कि हमने इस ऑफर को रिजेक्ट कर दिया था, क्योंकि हमें समझ नहीं आ रहा था कि लोन कैसे चुकाया जाएगा। उनकी पेइंग कैपिसिटी क्लियर नहीं थी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान माल्या ने बैंको को 6,868 करोड़ का ऑफर दिया था। इसके पहले माल्या ने 4,400 करोड़ का भी ऑफर दिया था।

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