दुनिया में तेज़ी से हो रहे है यह जानवर विलुप्त

दुनिया में ऐसे कितने विलुप्त जीव है, जिन्हें किसी और देश से भारत ला सकते है। जैसे चीते विलुप्त होने पर चीते लाए गए वेसे ही ऐसी कई प्रजातियां है जो विलुप्त हो गयी है। पृथ्वी पर विकासक्रम एक सतत प्रक्रिया है। हमेशा से पृथ्वी पर बदलाव होते रहे है। वही जीवो में भी बदलाव आ रहे है। उद्भव प्रक्रिया (Evolution process) में कई तरह के जीव फिर सदियों बाद नई प्रजातियो में विकसित होते हैं, तो कई प्रजातियां नष्ट भी होती है। यह एक सतत प्रक्रिया है, लेकिन पिछली कुछ सदियों से मानवीय दखल के कारण प्रजातियों के विलुप्त (Extinction) होने की दर ज्यादा तेज हो गई है। हाल में कुछ प्रजातियां ऐसी पाई गई हैं जो अभी विलुप्त हो गई हैं ,लेकिन कुछ समय पहले मौजूद थीं।

लोनसम जॉर्ज ➜ यह कछुआ किसी सेलेब्रटी की तरह फेमस हो गया था। जो साल 2012 में मरा था। यह कछुआ अपने इलाके गालापागोस द्वीपों की खास उप प्रजाति (Spices) का आखिरी जानवर था, चूँकि इस कछुए की आयु अत्यधिक होती है, लेकिन उनके प्रजनन की दर भी बहुत कम है। पिंटा जायट कछुओं को विलुप्त करने के पीछे 19वीं सदी के जहाजों पर यात्रा करने वाले और मछुआरों का ज्यादा हाथ था जो इनका शिकार करते थे।

यानी यागंत्ज ➜ चीन की सफ़ेद डॉलफिन के नाम से प्रजाति आज भी जिंदा है। लेकिन उसी की तरह दिखने वाली यानी यांगत्ज आज मौजूद नहीं है। करीब पिछले 20 सालो में उन्हें नहीं देखा गया। वही साल 2019 में उन्हें विलुप्त भी घोषित कर दिया था। चीन में हो रहे तेज़ी से औद्योगीकरणके कारण यह प्रजाति अब देखने को नहीं मिलती है। 

स्पिक्स मकाओ ➜ साल 2011 में एक फिल्म बहुत मशहूर हुई थी जिसका नाम रिओ था। इसका प्रमुख पत्र रिया ब्राजिम में पाए जाने वाले स्पिक्स मकाओ था। आखरी बार यह पक्षी बरसील मे 2016 में देखा गया था। इसे भी 2019 में विलुप्त घोषित कर दिया था। 

काले गैंडे ➜ दुनिया में ऐसे जानवर जिन पर विलुप्त होने का खतरा है। लेकिन 19वीं और 20वी सदी  में इनके अत्याधिक शिकार से इनकी बहुत सारी उपप्रजातियों की जनसंख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है।  इन्हीं में से एक काले गैंडे साल 2008 में विलुप्तप्राय प्रजाति की श्रेणी में आ गई थी और 2011 में इन्हें विलुप्त ही घोषित कर दिया गया था। आज दुनिया में एक भी पश्चिमी काला गैंडा नहीं है। 

जुगनू ➜  दुनिया में तेज़ी से विलुपत हो रहे जानवरो में भी जुगनू शामिल है। तभी तो बरसात के मौसम में आपके और हमारे घरो के आस पास अब जुगनू नहीं दिखाई देते है।

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