दुनिया का पहला ई-मेल भेजा था बिना इंटरनेट

आज भले ही आप इंटरनेट के जरिए सेकेंडों में दुनिया के किसी भी कोने में ई-मेल भेज रहे हैं लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पहला ई-मेल बिना इंटरनेट का भेजा गया था। दुनिया का पहला ई-मेल दो कंप्यूटर के बीच बिना इंटरनेट भेजा गया था और यह कमाल किया था रेमंड टॉमलिंसन। ई-मेल के लिए @ का सिंबल रेमंड ने ही दिया था।इसके साथ ही अमेरिकी के कैंब्रिज के रहने वाले रेमंड टॉमलिंसन एक वैज्ञानिक थे। वे कई सालों से दो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के बीत इंस्टैंट मैसेजिंग पर काम कर रहे थे। 1969 में उन्होंने पहली बार अपने ऑफिस के ही दो कंप्यूटर के बीच मैसेज भेजने में सफलता हासिल की। रेमंड ने पहला ई-मेल मैसेज अर्पानेट (Advanced Research Projects Agency Network) के जरिए भेजा था। ऐसे में दुनिया का पहला ई-मेल एक कंप्यूटर नेटवर्क के जरिए भेजा गया था ना कि इंटरनेट के जरिए। अर्पानेट को इंटरनेट का पूर्वज माना गया है।

1983 में आधुनिक इंटरनेट का जन्म
अर्पानेट के बाद 1973 से इंटरनेट की शुरुआत तो हो गई थी लेकिन 1 जनवरी 1983 में आधुनिक इंटरनेट का जन्म हुआ और अर्पानेट ने ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल और इंटरनेट प्रोटोकॉल यानी टीसीपी और आईपी को स्वीकार किया।इसके बाद यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में इंटरनेट का इस्तेमाल शुरू हुआ। 1990 में सर टीम बर्नस ली ने वर्ल्ड वाइड वेब को जन्म दिया। 1992 में पहली बार ई-मेल में अटैचमेंट की शुरुआत हुई है और एक फोटो के साथ ई-मेल भेजा गया। 

1995 में भारत में हुआ इंटरनेट का इस्तेमाल
भारत में इंटरनेट को लाने का श्रेय विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) को जाता है। भारत में 15 अगस्त-1995 को पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल हुआ। देश में इंटरनेट का आम इस्तेमाल कोलकाता से शुरू हुआ था।

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