क्या अब 'मथुरा' से भी हटेगी मस्जिद ? 30 सितम्बर से 'सुप्रीम कोर्ट' में सुनवाई

Sep 28 2020 01:36 PM
क्या अब 'मथुरा' से भी हटेगी मस्जिद ? 30 सितम्बर से 'सुप्रीम कोर्ट' में सुनवाई

मथुरा: रामनगरी अयोध्या के बाद अब मथुरा में मंदिर मस्जिद का कोर्ट में पहुंच गया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि के पास बनी शाही मस्जिद हटाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है। अदालत ने 30 सितंबर की तारीख मुक़र्रर की है। मथुरा सिविल जज के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीकृष्ण विराजमान तथा 7 अन्य की तरफ से सिविल जज सीनियर डिवीजन छाया शर्मा की अदालत में याचिका दाखिल की गई है।

सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका में कहा गया है कि उन्हें श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन का मालिकाना हक दिया जाए और शाही ईदगाह मस्जिद को हटा दिया जाए। साथ ही मस्जिद समिति और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के बीच हुए करार को अवैध करार दिया गया है। गौरतलब है कि, यह करार 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद के मध्य किया गया था। समझौते के अनुसार, मस्जिद जितनी भूमि में बनी हुई है, बनी रहेगी। अब दलील दी गई है कि जिस जमीन पर मस्जिद मौजूद है, वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के नाम पर है। ऐसे में उक्त समझौता गलत है। 

क्या कहता है इतिहास ?
वर्ष 1618 में राजा वीर सिंह ने 33 लाख रुपए में कटरा केशव देव मंदिर बनवाया था। वर्ष 1670 में औरंगजेब ने मंदिर को आंशिक रूप से तोड़ दिया था और मस्जिद का निर्माण किया। इतिहासकार बताते हैं कि पांच अप्रैल 1770 को गोवर्धन में मराठा और मुगल के बीच युद्ध हुआ, जिसमें मराठा विजयी हुए। इसके बाद मराठाओं ने दोबारा कटरा केशव देव मंदिर का जीर्णोद्धार किया और मस्जिद को हटा दिया। 1803 में अंग्रेजों ने पूरा क्षेत्र अपने कब्जे में कर लिया। 1815 में इस 13.37 एकड़ भूमि को वाराणसी के राजा पटनीमल ने नीलामी में खरीद लिया। 21 फरवरी, 1951 को श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट का गठन हुआ। राजा पटनीमल के परिवार ने यह भूमि ट्रस्ट के नाम कर दी। 12 अक्टूबर, 1968 को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद प्रबंध समिति के बीच भूमि को लेकर उक्त कथित समझौता हुआ कि मस्जिद जितनी भूमि पर स्थित है, बनी रहेगी।

सुशांत के फ्रेंड ने खोला बड़ा राज़, दिशा की मौत पर CBI से कही ये बात

दिशा सालियान के मंगेतर पर सुशांत के दोस्त ने लगाए गंभीर आरोप, CBI से की ये मांग

रामलला के बाद कोर्ट पहुंचा कृष्ण जन्मभूमि का मामला