श्रीलंकाई नौसेना ने भारतीय मछुआरों पर किया हमला, कई नाव क्षतिग्रस्त, मछली पकड़ने के जाल भी टूटे

चेन्नई: तमिलनाडु के रामेश्वरम में श्रीलंकाई नेवी के कर्मियों द्वारा भारतीय मछुआरों पर हमला किए जाने की खबर मिल रही है, जिसमे उनकी नौकाएं और मछलियां पकड़ने के उनके जाल क्षतिग्रस्त हो गए हैं. तमिलनाडु मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को इस संबंध में जानकारी दी है. अधिकारियों ने बताया कि यह घटना बुधवार देर रात कच्चातीवु के समीप हुई, जब लगभग 10 गश्ती नौकाओं में आए श्रीलंकाई नेवी के कर्मियों ने शीशे की बोतलें और पत्थर फेंके.

तमिलनाडु मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, श्रीलंकाई नौसेना कर्मियों के हमले के दौरान कोई जख्मी नहीं हुआ, मगर 25 नौकाएं क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके साथ ही श्रीलंकाई कर्मियों के हमले में लगभग 40 नौकाओं में मछलियां पकड़ने के जाल क्षतिग्रस्त हो गए. क्षतिग्रस्त नौकाओं को दूसरी नौकाओं की मदद से खींचकर किनारे पर लाया गया.मछुआरा संघ के प्रतिनिधियों एन देवदास और पी सेसुराजा ने ऐसी घटनाओं पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाओं के कारण मछुआरे समुद्र में जाने से डरते हैं. इस मामले को लेकर मत्स्य विभाग के अधिकारियों के समक्ष शिकायत दी गई है.

बता दें कि इससे पहले अगस्त महीने में भी इसी प्रकार की घटना सामने आई थी, जब रामेश्वरम में मंडपम समुद्री तट पर 300 नौकाओं पर सवार होकर मछली पकड़ने गए सैकड़ों मछुआरों ने भी हमले की शिकायत की थी. मछुआरों का कहना था कि जब वे लोग कच्चतीवू के पास मछली पकड़ रहे थे, इसी दौरान श्रीलंका की नेवी की 5 पेट्रोलिंग बोट ने इन्हें चारों तरफ से घेर लिया और इन पर पत्थरों की बरसात शुरू कर दी. श्रीलंका की नौसेना ने कहा कि भारतीय मछुआरों ने श्रीलंकाई जल सीमा का उल्लंघन किया है, जबकि भारतीय मछुआरों का दावा है कि वे उसी इलाके में थे, जहां से कई वर्षों से मछली पकड़ते रहे हैं.

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