अपनी कई हॉरर मूवीज से लोगों के बीच चर्चाओं में आए थे श्याम रामसे

बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशकों में शुमार श्याम रामसे का आज वैसे तो अपना 70वां जन्मदिन है. आज ही के दिन वर्ष 1952 में इस निर्देशक का जन्म हुआ था. ख़ास बात यह है कि वह उन सात रामसे ब्रदर्स में से एक हैं जो 1970 और 1980 के दशक में भारतीय सिनेमा में बेहद सक्रिय थे. वहीं श्याम रामसे से जुडी एक ख़ास बात यह भी है कि उन्हें इस समूह का मुख्य कलाकार और प्रमुख माना जाता था.

श्याम रामसे ने कई डरावनी फ़िल्मों का निर्माण किया है, जैसे दरवाजा, पुराण मंदिर और वीराना आदि उनकी प्रमुख फिल्मे हैं. एक समय में बॉलीवुड में रामसे ब्रदर्स का जलवा कायम था, वहीं भारतीय सिनेमा में होरर का तड़का डालकर बॉलीवुड जगत को एक नया आयाम रामसे ब्रदर्स ने ही दिया था. 

तुलसी रामसे जो कि श्याम रामसाय के भाई है, उन दिनों में खाली सिनेमाघरों को देखकर कुछ नया करने के बारे में सोचा था और उस समय हॉलीवुड फिल्मे ड्रैकुला और कर्स ऑफ़ फ्रंकिस्तान  का भी खूब दबदबा था. 1972 में रामसे भाइयो ने Do Gaz Zameen ke Neeche बनाई जो हिट रही रही थी. वहीं आगे जाकर रामसे ब्रदर्स ने  भारत की पहली एनिमल हॉरर मूवी “दरवाज़ा” बनाई जिसमे 72,000 रूपये खर्च किये और 1978 में इसे रिलीज़ किया गया था. बॉलीवुड में रामसे ब्रदर्स ने एक समय बॉलीवुड में अपनी खूब धाक जमा रखीं थी. 1980 के दशक में रामसे ब्रदर्स का एकछत्र राज रहा था, जहां उन्होंने पुराना मंदिर , सामरी , वीराना , तहखाना ,डाक बँगला ,पुरानी हवेली ,शैतानी इलाका ,और बंद दरवाज़ा जैसी सुपरहिट फिल्मे देकर इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था. लेकिन वर्ष 2019 में 18 सितम्बर को उन्होंने दुनिया को अलविदा बोल दिया है. 

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