गडकरी का पत्र देख भड़की शिवसेना, दागे सवाल

मुंबई: केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने शिवसैनिकों को लेकर शिकायत की है। अब इसी पत्र पर अपनी पूरी ताकत से शिवसेना ने पलटवार किया है। जी दरअसल गडकरी ने पत्र में शिवसैनिकों पर नेशनल हाईवे के काम में अड़चन डालने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी के साथ गडकरी ने सीएम से जल्द दखल देने के लिए भी मांग की है और काम रोकने की चेतावनी भी दे डाली है। जी दरअसल वाशिम जैसे कुछ स्थानों पर शिवसेना नेताओं कार्यकर्ताओं पर ठेकेदारों या अधिकारियों को धमकी देने, तर्कहीन मांग करने का आरोप लगाते हुए गडकरी ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम प्रभावित हो रहा है।

जी दरअसल नागपुर के रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मंत्री ने वाशिम जिले में चल रहे कार्यों को रोकने की धमकी दी और कहा अगर इस तरह के कृत्यों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो महाराष्ट्र से भविष्य की सभी राजमार्ग परियोजनाओं को बंद कर दिया जाएगा। अब इसी को देखते हुए शिवसेना के वरिष्ठ नेता राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त किशोर तिवारी की तरफ से पूछा गया है कि ''गडकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने पहले के लिखे गए उस पत्र का प्रचार क्यों नहीं किया, जिसमें उन्होंने सड़क ठेकेदारों से 'जबरन वसूली' की मांग करते हुए पूरे भारत के भाजपा के राजनीतिक निर्वाचित नेताओं का नाम लिया था।''

इसी के साथ वाशिम-यवतमाल से शिवसेना सांसद भावना गवली-पाटिल का कहना है, 'गडकरी को गुमराह किया गया है उन्होंने बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में स्थानीय बाधाएं हैं, जिनका वह पता लगा लेंगी।' वहीँ दूसरी तरफ तिवारी ने आरोप लगाया है कि, ''मंत्री उनके परिवार की कंपनियों का भी सभी सड़क टोल अनुबंधों में हाथ है। साल 2014 से ही कुछ भाजपा नेताओं के प्रति निष्ठा के कारण ठेकेदार रोड-टोल के ठेके हड़प लेते हैं मोटी कमीशन के लिए दिवालिया कंपनियों या ब्लैक लिस्टेड संस्थाओं को भी उप-ठेके देते हैं, लेकिन घटिया गुणवत्ता की शिकायतों के बाद, कई परियोजनाओं को रोक दिया गया।''

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