ये है किसान आन्दोलन के जनक, महाशिवरात्रि पर होती है भगवान की तरह इनकी पूजा

स्वामी सहजानन्द सरस्वती एक ऐसा नाम जिसे भारत में किसान आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने अपने जीवन में काफी प्रसिद्धि हासिल की. वे देश के राष्ट्रवादी नेता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे. साथ ही और कितने शब्द उनके नाम के साथ जुड़े. आज उनकी जयंती पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण और खास बातों के बारे में बताएंगे. जिनके बारे में जानने के बाद आप भी स्वामी सहजानन्द सरस्वती का लोहा मानने लगेंगे.

स्वामी जी से जुड़ी कुछ खास और दिलचस्प बातें...

- स्वामी सहजानन्द सरस्वती का जन्म 22 फरवरी 1889 में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में हुआ था. 

- स्वामी सहजानन्द सरस्वती ने एक संगठन की स्थापना की है, जिसका नाम ऑल इंडिया किसान सभा है.

- कहा जाता है कि उनकी आरम्भिक राजनैतिक गतिविधियाँ अधिकतर बिहार में हे केन्द्रित थीं. लेकिन अखिल भारतीय किसान सभा के निर्माण के बाद पूरे भारत में इसका विस्तार होते गया.

- वर्तमान में बिहार की राजधानी पटना के पास बिहटा में एक आश्रम बना था. इसी आश्रम में अपने जीवन के उत्तरार्ध के सारे काम वे संचालित करते थे. 

- उनके नाम पर गाजीपुर में सहजानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय बना हुआ है. 

- वे आदि शंकराचार्य सम्प्रदाय के दसनामी संन्यासी अखाड़े के दण्डी संन्यासी थे और उन्हें दुनिया बुद्धिजीवी, लेखक, समाज-सुधारक, क्रान्तिकारी, इतिहासकार के रूप में भी जानती है. 

- स्वामी सहजानन्द सरस्वती का जन्म बिहार के नवादा जिले के रेवरा गांव में महाशिवरात्रि के दिन हुआ था और इस दिन इस गांव में उनकी पूजा-अर्चना की जाती है. यहां के लोगों का मानना है कि स्वामीजी का जन्म नही हुआ होता तो न जानें कितने दिनों तक जमींदारों के अत्याचार से गांव की पीढ़ियां सजा भुगत रही होतीं. 

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