RSS के चिंतन में उठी राम मंदिर की बात

नई दिल्ली : नईदिल्ली में अपनी राजनीतिक मुश्किलों को हल करने और संगठन को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट हुए। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर का मसला उठाया। मामले में यह कहा गया कि राम मंदिर के मामले में लोगों के बीच संदेश ठीक नहीं जा रहा है। ऐसे में बात को पाॅजिटिव तरीके से बात आगे बढ़ाई जाने की जरूरत है। ऐसे में लोगों को गलतफहमी हो सकती है। मिली जानकारी के अनुसार संघ के सभी नेता इसमें शामिल हैं। संघ के सरसंघ चालक डाॅ. मोहन भागवत ने कहा कि 3 दिवसीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने की संभावना भी है।

संगठन के बड़े पदाधिकारियों की बैठक में कई मसलों पर विचार मंथन किया जा सकता है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों की भागीदारी भी आवश्यक मानी जा रही है। बैठक में बहुचर्चित धारा 370 के मसले पर भी चर्चा की गई। यही नहीं केंद्र सरकार के विभिन्न मसलों जैसे जाति, वन रैंक वन पेंशन आदि को लेकर भी चर्चा की गई। आरएसएस के 93 प्रमुख पदाधिकारियों और उनके पंद्रह सहयोगियों की समन्वय बैठक के अंतर्गत इन सभी मसलों पर एक समाधान हासिल होने को आवश्यक माना जा रहा है।

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