दादा ने अपनी ही 2 वर्षीय पोती को गर्म सलाखों से दागा, रूह कंपा देगी ये घटना

Apr 12 2019 02:51 PM
दादा ने अपनी ही 2 वर्षीय पोती को गर्म सलाखों से दागा, रूह कंपा देगी ये घटना

भीलवाड़ा: अंधविश्वास में लोग न जाने क्या-क्या कर बैठते है, जिसका परिणाम मासूमों को भुगतना पड़ता है. हाल ही में एक ऐसी घटना प्रकाश में आई है. जिसने लोगों को एक बार फिर इन सब के बारे में सोचने पर विवश कर दिया है. जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा में एक दादा ने अपनी ही 2 वर्ष की पोती को लोहे की गर्म सलाखों से दाग दिया. जिसके कारण मासूम की हालत काफी बिगड़ गई, जिसके बाद उसे उपचार हेतु शहर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

उल्लेखनीय है कि, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ जिले में निमोनिया के उपचार के नाम पर अंधविश्वास के कारण बच्चों को दागने का सिलसिला काफी पुराना है. परिजनों पर हावी अंधविश्वास के कारण यह सिलसिला समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है. गंगरार क्षेत्र के मोती बुकन का खेड़ा की रहने वाली बच्ची के पिता किशन गुर्जर ने कहा है कि मेरी बेटी लक्ष्मी को 10 दिन पूर्व निमोनिया हुआ था. इसलिए बच्ची के दादा गांव में ही लोकदेवता के पूजा करने वाले बाबा के पास लेकर गए थे, जिन्होंने बच्ची को लोहे की गर्म सलाखों से दागने को कहा. 

इसके बाद दादा ने बच्ची को सलाखें गर्म करके दाग दिया. इस पर बच्ची की हालत में सुधार होने के स्थान पर और बिगड़ गई, जिसके बाद बच्ची को इलाज हेतु भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. सुमन त्रिवेदी ने कहा है कि बच्ची को निमोनिया के कारण गर्म सलाखों से दागा गया है .हालांकि, अभी बच्ची की हालात स्थिर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है. वहीं, मासूम के माता पिता ने इस मामले में अभी किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं करवाई है. 

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