मोदीमय हुआ बांका, चुनावी सभा में मोदी ने नीतीश पर निशाना साधा

बांका ​: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज बिहार के बांका में अपनी चुनावी रैली को संबोधित किया गया। मोदी की इस रैली में आयोजन स्थल खचाखच भरा रहा। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी प्रधानमंत्री का यहां बहुत वर्षों में आना हुआ है। उन्होंने कहा कि आज बांका की धरती को नमन करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि चुनाव घोषित होने के बाद यह उनकी पहली सभा है। इसे जनसभा, रैली नहीं कहा जा सकता है। यह तो रैला ही रैला है। इस बार बिहार दो दिवाली मनाएगा।

एक दिवाली चुनावी नतीजों की होगी तो दूसरी दीपपर्व की होगी। उन्होंने कहा कि मेरे लिए ये चुनाव 2 अक्टूबर को यहां आने का अवसर मिला। आज लाल बहादुर शास्त्री की जन्म जयंती और महात्मा गांधी की जन्मजयंती है। महात्मा गांधी का आंदोलन यहां से भी जुड़ा है। मोदी की इस रैली में जबरदस्त शोर होता रहा। लोग मोदी के यहां पहुंचने से बेहद उत्साहित रहे। हर कहीं भारत माती की जय और नरेंद्र मोदी के जयकारे गूंज रहे थे। उन्होंने बिहारवासियों से अपील की कि यदि इस देश को आगे बढ़ाना है तो बिहार के आगे बढ़े बिना हिंदुस्तान कभी आगे बढ़ नहीं सकता है। बिहार को आगे बढ़ाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

बिहार के नौजवान को रोजगार मिले। बिहार में किसान के कल्याण के लिए प्रगति की जाए। बिहार के माताओं बहनों की शक्ति भाग्य बढ़ाने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनता के पास वे कुछ मांगने पहुंचे हैं। उन्होंने नौजवानों को संबोधित करते हुए कहा कि नौजवानों को नमन करना चाहता हूं। लोगों ने जो संयम बरता और सहयोग दिया उसके लिए सभी को वंदन है। उन्होंने कहा कि हमने बहुत कुछ झेल लिया है।

बिहार ने सामंतवाद भी देखा है। पूंजीवाद भी देखा है। अलगाववाद का भी प्रभाव यहां रहा। फासीवाद और वंशवाद का प्रभाव भी यहां रहा। हमारी सबसे बड़ी शक्ति विकास में है। सवा लाख करोड़ का पैकेज बिहार में सरकार ने वितरित किया। 1 लाख करोड़ से ज्यादा रूपए बिहार को विकसित करने में लगाने हैं। विकास के लिए पूंजी लगती है। बिहार के लिए हमने अपनी तिजोरी खोलकर रख दी है। बिहार का अधिकार है जो आज तक दिया नहीं गया लेकिन अब सरकार यह देने का सौभाग्य पा रही है। यह सब आपके हक का है, मैं तो आपके कार्य को सिपाही की तरह करने का प्रयास कर रहा हूं। यहां विकास की पूरी संभावना है। उन्होंने अमेरिका में बिहारवासियों के मिलने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बिहारवासियों के जीवन को उन्होंने कहां से कहां पहुंचाया। उसका आनंद उन्हें पाने की जरूरत है।  

उन्होंने कहा कि बिहार के पास ऐसे नौजवान हैं जिनके दिल में बिहार के लिए आग है। अमेरिका में रहने वाले बिहारियों को भी बिहार की चिंता है। उन्होंने नीतिश के नेतृत्व वाली सरकार का विरोध कर कहा कि राज्य सरकार के हाथ में केंद्र पैसा कैसे दे सकती है। वह केंद्र द्वारा दी गई सहायता लौटा देता है। सरकार द्वारा 5 करोड़ रूपए का चैक वितरित किया गया। मगर उसे वापस भेज दिया गया। उन्होंने चिंता जताई कि यदि एक लाख रूपए से अधिक का पैकेज केंद्र द्वारा दिया जाए तो राज्य उसे लौटा देगा। इन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। जेडीयू ने जीतनराम के साथ जो भी किया उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।

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