पाकिस्तानी सेना प्रमुख को थी पठानकोट हमले की जानकारीः खुफिया विभाग

Jan 05 2016 02:07 PM
पाकिस्तानी सेना प्रमुख को थी पठानकोट हमले की जानकारीः खुफिया विभाग

नई दिल्ली : पठानकोट में हुए आतंकी हमले के संबंध में एक अहम खुलासा हुआ है। भारत की खुफिया एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ राहील शरीफ को इस हमले की जानकारी थी। भारतीय खुफिया एजेंसी के मुताबिक पाकिस्तान की सेना पाक पीएम नवाज शरीफ द्वारा भारत से शांति वार्ता करने के पक्ष में नही है। हाल ही में हुई मीटिंग में पाकिस्तान के सेना प्रमुख शरीफ ने नवाज से कहा था कि वो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शांति वार्ता के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है, लेकिन पाकिस्तानी सेना देश में मौजूद आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी।

ये वही संगठन है, जो भारत के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तानी इंटेलीजेंस ब्यूरो दिसंबर 2014 से ही आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ताकत बढ़ाने के प्रयास में है। साथ ही यह भी खबर है कि जैश-ए-मोहम्मद के कुच आतंकी लश्कर-ए-जांघवी से जाकर हाथ मिला चुके है, जिसने पाक के खिलाफ ही अभियान छेड़ दिया है।

इस पूरे मसले पर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद को पाकिस्तानी सेना का समर्थन मिलने का सीधा मतलब है कि भारत के खिलाफ आतंकवाद को जारी रखना और पाक के अदंर हो रहे हमलों को रोकना।

लशकर-ए-जांघवी के सदस्य सुन्नियों को समर्तन देते है। इसलिए इस संगठन ने पाकिस्तान में शिया मुसलमानों को निशाना बनाते हुए कई हमले किए है। जिसमें साल 2013 में 200 शियाओं की हत्या का मामला भी शामिल है। इसके अलावा 1998 में मोमिनपुरा कब्रिस्तान में हुए हमले के अलावा 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम को निशाना बनाकर किए गए हमले में भी इसी आतंकी संगठन का हाथ था। बीते सालों में यह संगठन पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा बनकर उभरा है।

खुफिया एजेंसियों का कहना है कि सीमा पार से आ रहे आतंकियों को पाक की सेना ही ट्रेनिंग भी देती है। उन्हें 26/11 जैसे हमलों में कमांडो ऑपरेशन से लड़ने के लिए तैयार किया जाता है। पठानकोट हमले के बाद 15 जनवरी को दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत पर संकट गहरा गया है। भारत सरकार ने पाकिस्तान से हो रहे हमलों को लेकर रविवार को पाक सरकार को कई सबूत सौंपे है, इसके बाद भारत पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है।

भारत सरकार ने पठानकोट हमले में शामिल आतंकियों के फोन कॉल ट्रेस किए है, जिसे भारत ने पाक को सबूत के तौर पर भेजे है। इसके साथ ही आतंकियों के जीपीएस कॉर्डिनेट्स, कॉल लॉग्स और ट्रांसक्रिप्टस भी पाकिस्तान को सौंपे गए हैं।