भारत विरोधी कश्मीरी इंटरनेट रेडियो सेवा का प्रसारण

By Mahendra Patidar
Sep 03 2015 10:19 PM
भारत विरोधी कश्मीरी इंटरनेट रेडियो सेवा का प्रसारण

श्रीनगर : कश्मीर में एक इंटरनेट रेडियो भारत के खिलाफ सीधे सीधे उठ खड़े होने का आह्वान कर रहा है। स्टेट आफ आर्ट तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इस रेडियो को लॉन्च किया गया है। भारत विरोधी न्यूज पोर्टल कश्मीर मीडिया सर्विस ने अपनी बेवसाइट पर भारत विरोधी इंटरनेट रेडियो सेवा शुरू करने की खबर डाली है। कश्मीर मीडिया सर्विस ने गुरुवार को कहा, "रेडियो सदा-ए-हुर्रियत-ए-जम्मू कश्मीर ने अपनी चौबीस घंटे की इंटरनेट प्रसारण सेवा शुरू कर दी है। यह अधिकृत कश्मीर में भारतीय सैनिकों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन को प्रभावी तरीके से उठा रहा है।"

भारत और पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की वार्ता रद्द होने और सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच इस रेडियो सेवा का शुरू होना खास मायने रखता है। 1965 की भारत-पाकिस्तान जंग के दौरान एक भूमिगत रेडियो सेवा, रेडियो सदा-ए-कश्मीर शुरू की गई थी। सितंबर 1965 में शुरू हुई यह सेवा कश्मीर घाटी में घुसपैठ करने वालों के कारनामों की खबर देती थी। इन्हीं घुसपैठों ने भारत को नियंत्रण रेखा और जम्मू एवं कश्मीर तथा पंजाब सीमा पर पाकिस्तान पर धावा बोलने के लिए बाध्य किया था।

रेडियो सदा-ए-कश्मीर का दावा था कि वह घाटी में स्थित है। लेकिन, बाद में पता चला कि इसकी सेवाओं का प्रसारण पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से हो रहा था। इस रेडियो के दुष्प्रचार से निपटने के लिए रेडियो कश्मीर ने भारतीय सैनिकों की जंग में जांबाजी की सच्ची कहानियों का प्रसारण शुरू किया था। ताजा भारत विरोधी इंटरनेट रेडियो की सेवा कश्मीरी, उर्दू, अंग्रेजी और हिंदी में कार्यक्रम प्रसारित कर रही है। खुफिया सूत्रों ने न तो इस प्रसारण सेवा के बारे में कुछ कहा न ही इस बारे में कि इसे रोकने के लिए कौन सा कदम उठाया जाना है।