संसद के बजट सत्र के शुरुआती दो दिनों में नहीं होगा कोई शून्यकाल, ये है वजह

नई दिल्ली: लोकसभा के आठवें बजट सत्र के दौरान पहले दो दिनों तक दोनों सदनों में कोई शून्यकाल (Zero Hour) नहीं होगा. रिपोर्ट के अनुसार, बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में 31 जनवरी व एक फरवरी को शून्यकाल नहीं होगा. राष्ट्रपति के अभिभाषण व आम बजट की प्रस्तुति की वजह से यह फैसला लिया गया है. बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ होगी. वह 31 जनवरी को राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे. यह सत्र दो हिस्सों में आयोजित होगा.

पहला हिस्सा बजट सत्र का होगा जो कि 11 फरवरी को ख़त्म होगा. बजट सत्र का दूसरा हिस्सा 14 मार्च को आरंभ होगा और 8 अप्रैल तक जारी रहेगा. बता दें कि बजट से पहले सरकार आर्थिक सर्वेक्षण जारी करती है. इस साल 31 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया जाएगा. यह सर्वेक्षण संसद के समक्ष रखा जाएगा. इस सर्वे में देश की आर्थिक स्थिति के संबंध में जानकारी दी जाती है. बीते एक साल का पूरा हिसाब होता है. मौजूदा अर्थव्यवस्था में क्या चुनौतियां हैं और उससे किस तरह निपटना है, इस संबंध में सर्वे में जानकारी दी जाती है.

क्या होता है शून्यकाल ?

शून्यकाल में कार्यवाही के दौरान सवाल किए जाते हैं. शून्यकाल भी प्रश्नकाल जैसा ही एक टाइम सेगमेंट है, जिसमें सांसद अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करते हैं. दोनों सदनों में इसका समय अलग-अलग है. लोकसभा में कार्यवाही का पहला घंटा प्रश्नकाल होता है और उसके बाद का समय शून्यकाल (Zero Hour) होता है. वहीं, उच्च सदन में शून्यकाल से सदन की कार्यवाही की शुरुआत होती है और इसमें बाद प्रश्नकाल होता है. शून्यकाल में सांसद बगैर निर्धारित कार्यक्रम के अहम मुद्दों पर विचार प्रकट करते हैं. लोकसभा में शून्यकाल तब तक समाप्त नहीं होता, जब तक लोकसभा के उस दिन का एजेंडा पूरा नहीं हो जाता.

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