नदियों में गन्दगी फेंकने पर अब देना होगा जुर्माना, एनजीटी ने दिए निर्देश

May 21 2019 01:30 PM
नदियों में गन्दगी फेंकने पर अब देना होगा जुर्माना, एनजीटी ने दिए निर्देश

नई दिल्ली: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तराखंड सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के किनारों पर कोई भी गैर कानूनी तरीके से शिविर लगा कर न रहे। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल के नेतृत्व वाली बेंच ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को गंगा या उसकी सहायक नदियों में गंदा पानी या औद्योगिक अपशिष्ट डालने को बैन करने का निर्देश दिया है। 

बेंच ने आगाह किया है कि कार्रवाई करने में नाकाम रहने पर नदी में अपशिष्ट या गंदा पानी छोड़ने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों या अधिकारियों से मुआवजा लिया जाएगा। बेंच ने कहा है कि, यह मुआवजा नसीहत देने वाला और पुरानी हालत बहाल करने की कीमत वसूलने के लिए पर्याप्त होना चाहिए। ऐसा करना यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि गंगा नदी को प्रदूषित करना अब लाभकारी सौदा नहीं होगा। इसलिए अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट एवं इस अधिकरण की तरफ से पिछले 34 सालों में बार-बार दिए गए निर्देश महज कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। अधिकरण की ओर से गठित की गई समिति नाकाम रहने वाले अधिकारियों एवं प्रदेश सरकार के अधिकारियों सहित विफल रहने वाले व्यक्तियों की पहचान कर सकता है। 

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