यूं ही नही जाने देंगे नेहरु पर लगे फर्जी डॉक्यूमेंट मामले कोः कांग्रेस

यूं ही नही जाने देंगे नेहरु पर लगे फर्जी डॉक्यूमेंट मामले कोः कांग्रेस

नई दिल्ली : 23 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 100 गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक किया। ऐसे में देश में राजनीतिक बहस छिड़ना तो लाजिमी था, लेकिन यह बीजेपी बनाम कांग्रेस हो चला है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जानबूझकर जवाहर लाल नेहरु की फर्जी चिठ्ठी पर विवाद पैदा करने का आरोप लगाया है। इसके जवाब में बीजेपी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक पुरुष नेताजी की विरासत और उनकी यादों के प्रति अपमान का भाव जाहिर करने के लिए कांग्रेस को मांफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि वो चिठ्ठी नकली और शरारती है, इस पत्र में नेहरु ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्लेमेंट ऐटली को बताते हैं कि सुभाष चंद्र बोस एक युद्ध अपराधी हैं। शर्मा ने कहा कि ऐसा कांग्रेस पार्टी की छवि खराब करने के मकसद से किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को गुमराह करने और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दिग्गज सेनानी की महान उपलब्धियों को कमतर दिखाने के लिए यह जानबूझकर खड़ा किया गया विवाद है।

उधर बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस कैसे अलग राय रखने वाले नेताओं की छवि खराब करती है, यह उसी का उदाहरण है। बीजेपी प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को यह सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए और गलतियों का प्रायश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताजी के प्रति अपमान के लिए कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। हांला कि नेहरु द्वारा लिखे गए इस पत्र की कोई पुष्टि नही है। साथ ही इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने भी इसे फर्जी बताया है।

शर्मा ने कहा कि इस फर्जी दस्तावेज का मामला यूं ही नही जाने दिया जाएगा। शर्मा ने कहा कि अगर लोगों में हिम्मत है तो इस डॉक्युमेंट पर दावेदारी करे, लेकिन हम इसकी सत्यता की जांच कराएंगे। हम ना केवल इसका खुलासा करने बल्कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लिए नेताजी के महान राष्ट्रवादी नेता थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और हम उनके योगदान का सम्मान करते हैं।