SC ने जिस कानून को रद्द किया उसी के तहत पुलिस दर्ज कर रही है प्रकरण

नई दिल्ली। जिस सेक्शन को सुप्रीम कोर्ट पहले ही समाप्त कर चूका है उस सेक्शन के तहत महाराष्ट्र पुलिस ने फिर से एक मामले में FIR दर्ज की है। नासिक में एक 34 वर्षीय व्यक्ति पर आरोप है कि उसने अलग हो चुकी पत्नी को whatsaap पर मैसेज भेजे। इस मामले में उसके खिलाफ नासिक में भद्रकाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई तो पुलिस ने आईटी एक्ट के सेक्शन 66 (ए) के तहत 8 अगस्त को प्रकरण दर्ज कर लिया।

महाराष्ट्र पुलिस ने आईटी एक्ट के सेक्शन 66 ए के खत्म होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के बाद इस बारे में सर्कुलर जारी किया था। लेकिन इसके बाद भी भद्रकाली पुलिस थाने के पुलिस इंस्पेक्टर मधुकर काड ने कहा कि सेक्शन 66 (ए) के तहत प्रकरण दर्ज करना गलत नहीं है। बस यहीं नहीं इस तरह के कितने ही प्रकरण सामने आए हैं। आपको बताते है की झारखंड के चक्रधरपुर में सोशल मीडिया में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वितुर्द्ध टिप्पणी करने पर झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट के एक कर्मचारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया है।

ब्लॉक प्रोग्राम अफसर (BPO) अजय कुमार के खिलाफ BJP नेता अशोक षाड़ंगी ने रविवार को साइबर एक्ट के सेक्शन 66 (ए) के तहत FIR दर्ज कराई। षाड़ंगी ने बताया कि BPO ने प्रधानमंत्री के नाम पर आपत्तिजनक बातें लिखीं और अश्लील फोटो भी पोस्ट किया। एडवोकेट और साइबर सिक्युरिटी लॉ एक्सपर्ट प्रशांत माली ने कहा, सेक्शन 66 ए के तहत प्रकरण दर्ज करने से मालूम होता है कि पुलिस को बदलते कानून की जानकारी नहीं है। इससे कोर्ट के कंटेम्ट (अवमानना) का भी केस बन सकता है।

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