अमिताभ, गुलजार को पीछे छोड़ उर्दू यूनिवर्सिटी के कुलपति बने थे सरेशवाला

Sep 22 2015 03:44 PM
अमिताभ, गुलजार को पीछे छोड़ उर्दू यूनिवर्सिटी के कुलपति बने थे सरेशवाला

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले कार डीलर जफर सरेशवाला की किस्मत बदलते देर नहीं लगी। मोदी का जादू ऐसा चला कि सरेशवाला ने कुलाधिपति की दौड़ में सभी को पीछे छोड़ दिया था। इस सूची में नाम पाने वालों में जफर ने हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन, गुलजार और अजीम प्रेमजी को भी पीछे छोड़ दिया था। जी हां मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नियुक्त होने के लिए कुछ नामों को सूची में शामिल किया गया था। जिसमें जफर सरेशवाला का नाम सबसे आगे था।

मिली जानकारी के अनुसार विश्विद्यालय की कार्यकारी परिषद द्वारा कुलाधिपति के पद के लिए 6 लोगों के नामों पर विचार किया गया था। कुलाधिपति के तौर पर लोकप्रिय शिक्षाविद् डाॅ. सैयदा हमीद का कार्यकाल 10 जुलाई को समाप्त हुआ। इसके बाद अन्य नामों पर विचार किया गया जिसमें जफर सरेशवाला का नाम सबसे आगे रहा। इस नाम के साथ अमिताभ बच्चन, कवि गुलजार, विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी, पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए. एम. अहमदी और सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला आदि शामिल थे।

मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2014 के तहत इन नामों की सूची मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दे दी गई। राष्ट्रपति को नाम को स्वीकृत करना होता है लेकिन नाम केंद्र सरकार ही प्रदान करती है। ऐसे में विश्विद्यालय का नियम है कि विजिटर विश्विद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा दिए गए नाम में से कुलाधिपति नियुक्त करते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा सरेशवाला का नाम दिया गया और कहा गया कि वे युवाओं को प्रेरणा दे सकते हैं साथ ही उद्योग का सृजन कर सकते हैं। हालांकि यह भी कहा गया कि तीन से अधिक नामों की सिफारिश भी की जा सकती है।