15 जून के आसपास मध्य प्रदेश में दस्तक दे सकता है मानसून

भोपाल : मध्य प्रदेश के कई जिलों में विगत दिनों से बारिश की बूंदा बांदी हो रही है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसूनी हलचल बढ़ गई हैं. दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है. इसी क्रम में बंगाल की खाड़ी में सोमवार को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है. इसके 9-10 जून को और शक्तिशाली होकर आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. इस सिस्टम से अच्छी बरसात होने की संभावना है.

वहीं, वर्तमान में मानसून कर्नाटक, रायलसीमा के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के अधिकांश क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है. 12 जून के आसपास इसके महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में प्रवेश करने की संभावना है. उधर, बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र बुधवार को ओडिशा से आगे बढ़ने लगेगा. इसके प्रभाव से 10 जून से प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में बरसात का दौर शुरू होने के आसार जताए जा रहे हैं.

बता दें की इस दौरान इंदौर, उज्जैन, भोपाल, होशंगाबाद, संभाग में कहीं-कहीं भारी बरसात भी हो सकती है. बरसात का यह दौर रुक-रुक कर दो-तीन दिन तक जारी रह सकता है. इस दौरान प्रदेश में मानसून भी आमद दर्ज करा सकता है. उधर, रविवार को भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बरसात हुई. मौसम विज्ञानियों के अनुसार चार दिन बाद जबलपुर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में 10 या 11 जून से तेज बौछारें पड़ने का दौर शुरू होगा. इस दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है. 15 जून के आसपास प्रदेश में मानसून भी दस्तक दे सकता है. इस सबंध में वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में हवा का रुख दक्षिण-पश्चिमी बना हुआ है. इस वजह से अरब सागर से बड़े पैमाने पर नमी आ रही है. इससे प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही हैं. उन्होंने बताया कि सोमवार को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है.

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